विद्या बालन के संदेश से लेकर हथकड़ी इंस्टॉलेशन तक, बच्चों की सुरक्षा के लिए दिखी सामूहिक ताक़त
मुंबई | 21 जनवरी 2026: भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में शामिल टाटा मुंबई मैराथन 2026 में इस बार दौड़ सिर्फ फिटनेस की नहीं थी, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और न्याय की मांग की भी थी।
वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त गैर-लाभकारी संस्था अर्पण ने अपने प्रभावशाली जन-जागरूकता अभियान #POCSOPakadLega के ज़रिए बाल लैंगिक शोषण के खिलाफ एक ज़ोरदार और स्पष्ट संदेश दिया।

अर्पण ने इस मंच का उपयोग लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, सार्वजनिक जवाबदेही और सामूहिक जिम्मेदारी को सामने लाने के लिए किया।
🛑 बाल सुरक्षा सप्ताह से मैराथन तक पहुंचा अभियान
#POCSOPakadLega, अर्पण के प्रमुख जन-जागरूकता कार्यक्रम बाल सुरक्षा सप्ताह (14–20 नवंबर) की केंद्रीय थीम रहा है। वर्ष 2025 में लॉन्च किए गए इस अभियान का चेहरा रहीं अभिनेत्री विद्या बालन, जो अर्पण की गुडविल एंबेसडर भी हैं।
इस पहल ने देशभर में 16.5 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई और एक साफ संदेश दिया: “किसी भी बच्चे को गलत तरीके से छुआ — तो #POCSOPakadLega”
यह संदेश चेतावनी भी है और रोकथाम का माध्यम भी, जो सीधे अपराधियों को निशाना बनाता है।
🏃♂️ ड्रीम रन में दिखी सामूहिक आवाज़
टाटा मुंबई मैराथन 2026 के ड्रीम रन के दौरान अर्पण की टीम ने प्लेकार्ड्स, नारों और एकजुट उपस्थिति के ज़रिए अभियान को ज़मीनी स्तर पर मज़बूती दी।
संस्था ने वयस्क प्रतिभागियों से अपील की कि— POCSO जैसे कानून तभी असरदार बनते हैं, जब वयस्क जिम्मेदारी लेते हैं।
18 वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक के धावकों ने इस संदेश के साथ कदम मिलाया — किसी ने नारे लगाए, किसी ने गीत गाए और कईयों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक संकल्प लिया।
🔗 मोटिवेशनल ज़ोन बना आकर्षण का केंद्र
अर्पण की ऑन-ग्राउंड सहभागिता का सबसे प्रभावशाली हिस्सा रहा मोटिवेशनल ज़ोन स्टेज, जहां—
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🔒 मोटराइज़्ड हथकड़ी इंस्टॉलेशन लगाया गया
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🧾 सार्वजनिक संकल्प बोर्ड रखा गया
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📸 विद्या बालन के लाइफ-साइज़ कट-आउट के साथ फोटो-ऑप की व्यवस्था की गई
यह इंस्टॉलेशन यह संदेश देता रहा कि अपराधी पकड़े जाएंगे और कानून के तहत जवाबदेह होंगे। सोशल मीडिया पर भी इस संदेश को बड़ी संख्या में साझा किया गया।
🏆 पिछली उपलब्धि, इस साल और मजबूत संदेश
गौरतलब है कि टाटा मुंबई मैराथन 2025 में अर्पण को बेस्ट मोटिवेशनल ज़ोन स्टेज – सेकंड रनर-अप का सम्मान मिला था। इस वर्ष संस्था ने रोकथाम, दृश्यता और जनभागीदारी पर और अधिक फोकस किया।
🗣️ क्या बोलीं अर्पण की संस्थापक पूजा तापड़िया
अर्पण की संस्थापक और सीईओ पूजा तापड़िया ने कहा— “#POCSOPakadLega भारत में वर्षों से चली आ रही चुप्पी को तोड़ने की पहल है। बाल लैंगिक शोषण पर अब फुसफुसाकर बात नहीं होनी चाहिए। टाटा मुंबई मैराथन जैसे मंच हमें 60,000 से अधिक लोगों तक पहुंचने का अवसर देते हैं। अगर एक संकल्प से भी कोई वयस्क किसी बच्चे की सुरक्षा के लिए आगे आता है, तो वह एक बच्चे का भविष्य हमेशा के लिए बदल सकता है।”
🎯 अभियान का मूल उद्देश्य
इस पहल का मकसद था—
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बाल लैंगिक शोषण पर खुलकर बातचीत
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POCSO अधिनियम की स्पष्ट जानकारी
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अपराधियों को सार्वजनिक रूप से जवाबदेह ठहराना
इसे रचनात्मक सहभागिता, सशक्त संदेश और सक्रिय जनभागीदारी के ज़रिए प्रभावी ढंग से साकार किया गया। टाटा मुंबई मैराथन में अर्पण की भागीदारी ने 60,000 से अधिक प्रतिभागियों तक पहुँच बनाई।
18 से 80 वर्ष तक के धावकों ने उत्साह से अभियान से जुड़कर संकल्प लिया। यह अभियान POCSO अधिनियम को लोगों के सामने स्पष्ट रूप से पेश करने और अपराधियों को जवाबदेह ठहराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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