कोलकाता हिन्दी न्यूज | 30 जून 2026: तारातल्ला में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से हुई 16 मौतों के मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कोलकाता नगर निगम (KMC) और कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट (KoPT) से और दस्तावेज तथा जानकारी मांगी है।
यह वेयरहाउस प्रोजेक्ट कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की जमीन पर चल रहा था, जिसे शंभूनाथ बेहरा ने लीज पर लिया था। निर्माण कार्य को कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों ने मंजूरी दी थी।
SIT की मांग और जांच के प्रमुख पहलू
शहर के एक पुलिस अधिकारी ने बताया,
“हमने केएमसी से उस जमीन के बारे में जमा की गई योजनाओं और दस्तावेजों की जानकारी मांगी है। केओपीटी से भी पूछा गया है कि मिट्टी की जांच की गई थी या नहीं।”
जांचकर्ता निम्नलिखित बिंदुओं पर फोकस कर रहे हैं:
- निर्माण की मंजूरी प्रक्रिया
- जमीन की लीज में दलाली का कोई मामला तो नहीं
- निर्माण पूरा करने के लिए तय समय-सीमा
- घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल
SIT की शुरुआती जांच में पता चला है कि दो घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और कास्टिंग के गलत तरीके के कारण यह हादसा हुआ।
गिरफ्तार आरोपी और पूछताछ
इस मामले में वेयरहाउस मालिक शंभूनाथ बेहरा और कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के पूर्व OSD कालीचरण बनर्जी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों गिरफ्तार व्यक्ति पूछताछ में ज्यादा कुछ नहीं बोल रहे हैं। SIT अब बेहरा ब्रदर्स से बरामद दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
BJP मजदूर सेल की शिकायत
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मजदूर सेल ने तारातल्ला पुलिस स्टेशन में फिरहाद हकीम और तृणमूल कांग्रेस के दो पार्षदों अनवर खान एवं शम्स इकबाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का बयान
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जांच को तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जाएगा और दोषी किसी भी सूरत में सजा से नहीं बच पाएंगे।
सुवेंदु अधिकारी ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रिश्वत लेकर गैर-कानूनी निर्माण की इजाजत देकर ममता बनर्जी सरकार ने “सिटी ऑफ जॉय” को “सिटी ऑफ डेथ्स” में बदल दिया।
हादसे का दर्दनाक परिणाम
तारातल्ला गोदाम छत हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। यह घटना घटिया निर्माण और लापरवाही की वजह से हुई मानी जा रही है। पूरे मामले में SIT की जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
निष्कर्ष: तारातल्ला गोदाम हादसा कोलकाता में निर्माण कार्यों में हो रही लापरवाही और भ्रष्टाचार की एक और दुखद मिसाल बन गया है। SIT की जांच से सच्चाई सामने आने और दोषियों को सजा मिलने की उम्मीद की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न दोहराए जाएं।
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