कोलकाता हिन्दी न्यूज | 13 जुलाई 2026: पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ तारापीठ मंदिर की रथयात्रा इस वर्ष नई भव्यता और आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ आयोजित होने जा रही है। बंगाल की 25 ऐतिहासिक एवं पारंपरिक रथयात्राओं की सूची में मां तारा के रथ को शामिल किए जाने के बाद राज्य सरकार ने तारापीठ मंदिर कमेटी के सेवायत समिति को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इस अनुदान के बाद इस बार मां तारा के लिए विशेष और अधिक आकर्षक रथ तैयार किया जा रहा है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, सरकारी अनुदान का किस प्रकार उपयोग किया जाएगा और आगामी गुरुवार को होने वाली रथयात्रा को किस तरह सुचारु एवं सुरक्षित बनाया जाएगा, इसे लेकर तैयारियों की समीक्षा बैठक भी आयोजित की जा चुकी है। प्रशासन और मंदिर समिति मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधा तथा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।
सागौन की लकड़ी से तैयार हो रहा नया रथ
मंदिर समिति ने बताया कि वर्षों पुराने रथ के जर्जर हो जाने के कारण इस बार नया रथ तैयार किया जा रहा है। रथ का निर्माण साल और सागौन की उच्च गुणवत्ता वाली लकड़ी से मंदिर समिति अपने खर्च पर करा रही है।
पुराने रथ की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने के लिए केवल उसके दो पहिए और धुरी को सुरक्षित रखा गया है, जबकि लगभग पूरा ढांचा नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। रथ को पहले से अधिक मजबूत, सुरक्षित और आकर्षक बनाने का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
विशेष पूजा के बाद निकलेगी मां तारा की रथयात्रा
हर वर्ष की तरह इस बार भी रथयात्रा के दिन विशेष पूजा-अर्चना के बाद मां तारा को नए रथ पर विराजमान कर मंदिर परिसर के निर्धारित मार्ग पर नगर भ्रमण कराया जाएगा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इसके तहत—
- विशेष पुलिस बल की तैनाती
- ट्रैफिक प्रबंधन
- बैरिकेडिंग
- स्वयंसेवकों की नियुक्ति
- चिकित्सा एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था
की जाएगी, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंदिर समिति ने जताई खुशी
तारापीठ मंदिर समिति के सचिव पुलक चट्टोपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष रथयात्रा को पहले की तुलना में अधिक आकर्षक, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शताब्दियों पुराने पारंपरिक रथों के संरक्षण और विकास के लिए 5 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की गई है।
मां तारा के रथ को इस सूची में शामिल किया जाना मंदिर प्रशासन के लिए गर्व की बात है। उनका कहना है कि सरकारी सहयोग से रथ के विकास के साथ-साथ पूरे आयोजन को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
परंपरा और आधुनिक व्यवस्था का होगा संगम
मंदिर समिति को उम्मीद है कि इस वर्ष की रथयात्रा धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। सुरक्षा, सुविधाओं और बेहतर प्रबंधन के कारण इस बार की रथयात्रा पहले की तुलना में अधिक भव्य, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए यादगार होने की उम्मीद है।
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