अशोक वर्मा “हमदर्द” की कलम से : “पिताजी की स्मृति में – सच्चा श्राद्ध, सच्चा धर्म”

कोलकाता। आज जब जीवन के आँगन में एक गहरी खाली जगह महसूस होती है, तब