सवनवा में हो….. सवानवा में

श्रीराम पुकार शर्मा, हावड़ा । ज्येष्ठ-आषाढ़ मास के तप्त दिवस और उमस भरी रात्रि की

निर्गुण ज्ञानाश्रयी भक्ति के प्रवर्तक महात्मा कबीरदास की जयंती पर विशेष…

“कहत कबीर सुनो भाई साधु, संग चले ना रे ढेला। उड़ जा हंस अकेला।।” –

हमारी खटिया

।।हमारी खटिया।। श्रीराम पुकार शर्मा  खटिया कुछ और नहीं तो, यह आराम-स्वप्नों का पर्याय हैं,

बुद्ध पूर्णिमा पर विशेष…

“बुद्धं शरणं गच्छामि। धर्मं शरणं गच्छामि। संघं शरणं गच्छामि।” श्रीराम पुकार शर्मा, हावड़ा । विश्व

रविन्द्र नाथ टैगोर की जयंती पर विशेष…

विपदा से मेरी रक्षा करना, मेरी यह प्रार्थना नहीं, विपदा से मैं डरूँ नहीं, इतना

एक महान गणितज्ञ का मौन अंत

श्रीराम पुकार शर्मा, हावड़ा । कहते हैं प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती है

श्रीहनुमान जी के जन्मोत्सव पर विशेष…

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यं। सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।। श्रीराम पुकार शर्मा, हावड़ा । शक्ति,

चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती विशेष

“विजय केवल लोहे की नहीं, धर्म की रही धरा पर धूम। ‌‌‍भिक्षु होकर सम्राट, दया

राम नवमी विशेष : रघुकुल रीति सदा चलि आई। प्रान जाहुँ बरु बचनु न जाई।।

श्रीराम पुकार शर्मा, हावड़ा । कौसल्या-दशरथ नंदन श्रीराम का अपने भाइयों समेत इस धरती पर

माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के परीक्षार्थी ‘हिन्दी में सम्मानित अंक प्राप्त कर हिन्दी को सम्मानित करें’

हावड़ा । यह कहना है, श्री जैन विद्यालय, हावड़ा के हिन्दी विषय के वरिष्ठ अध्यापक