डीपी सिंह की कुण्डलिया

।।कुण्डलिया।। अपनी ऊँची जात पर, गर्व करें जो व्यर्थ आओ उनको दें सिखा, आरक्षण का

डीपी सिंह की कुण्डलिया : कोलेजियम

।।कुण्डलिया।। सबसे ऊँचे कोर्ट से, नाग गये जो आज वो देंगे कल के लिए, साँपों