अमिताभ अमित की व्यंग रचना…

पटना। झूठ चाहे गर्लफ्रैंड का हो अथवा धर्मपत्नी का, आज की तारीख में सच्ची लड़कियां

अमिताभ अमित की कलम से : सच मे जमाना बदल गया है!

अमिताभ अमित, पटना। सच मे जमाना बदल गया है! ये नब्बे परसैंट से कम नंबर

अमिताभ अमित की कलम से…एक मई

पटना। हम वक्त के मारे हुए दयालु लोग हैं ! कैलेंडर के पचासों दिन कमजोरों

अमिताभ अमित की कलम से : रावण दहन

पटना। कल्याणपुर घूमाकर गया तो था पत्नी को पोलो ग्राउंड मुंगेर रावण-दहन दिखाने! कि, रावण

अमिताभ अमित की कलम से – माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती की चर्चा!

अमिताभ अमित, पटना। धूम-धाम से माँ विद्यादायिनी का विसर्जन रविवार को कर आज मुखातिब हूं

अमिताभ अमित की कलम से – कमतर और मेरी उमर के नौजवानों

पटना । कमतर और मेरी उमर के नौजवानों, मैं जानता था! सही सलाह मानोगे नही

छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं!

अमिताभ अमित, जमालपुर । जब विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता की स्त्रियां अपने सम्पूर्ण वैभव के

अमिताभ अमित की कलम से – पुरानी यादें राखी की…

एक मोटी राखी हुआ करती थी, बडी सी फोम वाली… उपर शुभ लाभ बैठे होते

व्यंग : अमिताभ अमित की कलम से – दाढ़ी चर्चा

कुछ वक्त पहले पाकिस्तान मे कुछ नाई इसलिये जेल भेज दिये गये थे क्योकि उन्होने

व्यंग : अमिताभ अमित की कलम से – दोस्ती का दिन

सुना है आज दोस्ती का दिन है! पर जैसा कि आप सब जानते हैं हम