कोलकाता हिन्दी न्यूज | 28 सितम्बर 2026: महिला जागरण, पारिवारिक मूल्यों, आत्मनिर्भरता और नैतिक समाज के निर्माण का संदेश लेकर रविवार सुबह बालीगंज के ऐतिहासिक राजा श्रीनाथ सभागृह में स्वामी प्रणवानंद मातृ सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन मन्मथपुर प्रणव मंदिर के तत्वावधान में किया गया।
युगावतार श्रीमत स्वामी प्रणवानंदजी महाराज के आदर्शों और उनके दिखाए मार्ग को केंद्र में रखकर आयोजित इस सम्मेलन में समाज और परिवार में महिलाओं की भूमिका तथा जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उद्घाटन और प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सेवाश्रम संघ के प्रधान सचिव स्वामी विश्वात्मानंदजी महाराज ने किया। इस अवसर पर स्वामी अन्वेषानंदजी महाराज, संन्यासिनी मां तेजमयी, संन्यासिनी मां आत्मस्थानंदमयी और संन्यासिनी मां वेदप्राणा उपस्थित रहीं।
चिकित्सक डॉ. रोनिता राय और सुलता मंडल ने महिला जागरण के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।
मुख्य विषयों पर चर्चा
सम्मेलन में आदर्श मातृत्व के माध्यम से समाज निर्माण, पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने में आध्यात्मिक चेतना की भूमिका, समकालीन समाज में महिलाओं के आत्मसम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता, परंपरा और संस्कृति के संरक्षण, मानसिक शांति तथा नैतिक मूल्यों के निर्माण में माताओं की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
स्वामी विश्वात्मानंदजी महाराज का बयान
स्वामी विश्वात्मानंदजी महाराज ने कहा, “महिला शक्ति का जागरण केवल महिलाओं के व्यक्तिगत विकास का विषय नहीं है, बल्कि इससे परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी जुड़ा हुआ है। मूल्यबोध, आत्मनिर्भरता और नैतिक चेतना के माध्यम से माताएं समाज को स्वस्थ दिशा में आगे बढ़ा सकती हैं।”
आत्मनिर्भरता और शिक्षा पर जोर
सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि परिवार और समाज में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करने के साथ-साथ उनकी आत्मनिर्भरता, शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
स्वामी प्रणवानंदजी महाराज के आदर्शों का अनुसरण करते हुए महिला समाज को अपनी आंतरिक शक्ति के प्रति जागरूक होने का आह्वान भी किया गया।
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