कोलकाता | 6 नवंबर 2025 — पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को कोलकाता नगर निगम (KMC) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निगम अवैध तरीके से जन्म प्रमाणपत्र जारी कर रहा है, जिससे SIR प्रक्रिया के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों को वोटर सूची में बनाए रखने में मदद मिल रही है।
📢 क्या है आरोप?
- KMC गैर-नवजात और संदिग्ध नागरिकों को जन्म प्रमाणपत्र जारी कर रहा है
- यह प्रमाणपत्र SIR के दस्तावेज़ सत्यापन में नागरिकता साबित करने के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं
- अधिकारी ने कहा: “यह लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास है… जन्म प्रमाणपत्र राजनीतिक हथियार नहीं हैं”
इन प्रमाणपत्रों का मकसद वास्तविक नागरिकों की मदद नहीं, बल्कि उन संदिग्ध व्यक्तियों को फायदा पहुंचाना है जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।
📄 RTI और दस्तावेज़ी मांग
- सुवेंदु अधिकारी ने KMC स्वास्थ्य विभाग में RTI दाखिल की
- उन्होंने 6 अक्टूबर से 5 नवंबर 2025 तक के प्रमाणपत्रों का डेटा मांगा
- साथ ही 2024 की इसी अवधि से तुलना करने की मांग की
- मांगे गए आंकड़े:
- कुल प्रमाणपत्र
- गैर-निवासियों को जारी प्रमाणपत्र
- 2007 से पहले जन्मे लोगों के देरी से पंजीकरण
- हाल के जन्मों के प्रमाणपत्र
सुवेंदु अधिकारी ने केएमसी स्वास्थ्य विभाग में आरटीआई दाखिल की, जिसमें पिछले 30 दिनों में जारी जन्म प्रमाणपत्रों के विस्तृत आंकड़े मांगे गए। दूसरा, केएमसी आयुक्त को पत्र लिखकर 6 अक्टूबर से 5 नवंबर 2025 तक के आंकड़े मांगे, साथ ही 2024 की इसी अवधि से तुलना की।

⚖️ कानूनी चेतावनी
- अधिकारी ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 का हवाला देते हुए कहा कि “कानूनी मानदंडों को तोड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी”
इसमें कुल जारी प्रमाणपत्र, केएमसी क्षेत्र से बाहर गैर-निवासियों को दिए गए प्रमाणपत्र, 2007 से पहले जन्मे लोगों के देरी से पंजीकरण वाले मामले और हाल के जन्मों के प्रमाणपत्र शामिल हैं। उन्होंने जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत कानूनी मानदंडों को तोड़ने की कोशिश को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी।
🧭 राजनीतिक संदर्भ
- आरोप ऐसे समय में आए हैं जब SIR प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई है
- BJP का दावा है कि ‘दुआरे सरकार’ जैसी योजनाओं के तहत बैकडेटेड और नकली प्रमाणपत्र जारी किए गए
- इनका उद्देश्य बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को वोटर बनाना बताया गया
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) एसआईआर प्रक्रिया को बदनाम करने की कोशिश कर रही है, जबकि अवैध घुसपैठिए बंगाल छोड़कर भाग रहे हैं।”
🗣️ TMC की प्रतिक्रिया
- TMC नेताओं ने सभी आरोपों से इनकार किया है
- नबद्वीप नगरपालिका के चेयरमैन ने कहा कि “BJP समर्थकों ने पहले TMC ट्रेड यूनियन दफ्तर पर हमला किया था”
यह आरोप चुनाव आयोग के एसआईआर अभियान के बीच आया है, जो 4 नवंबर 2025 से शुरू हुआ। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाना है, जिसमें जन्म प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज नागरिकता साबित करने के लिए मान्य हैं।
भाजपा का दावा है कि 2020 से ‘दुआरे सरकार’ जैसी योजनाओं के नाम पर बैकडेटेड और नकली प्रमाणपत्र जारी हो रहे हैं, जो अवैध घुसपैठियों (खासकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या) को वोटर बनने में मदद करते हैं।
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