Cobra pose yoga benefits technique alignment

पथरी से राहत दिलाने में कारगर है सर्पासन, बिना दवा ऐसे करता है किडनी को डिटॉक्स

कोलकाता | 19 जनवरी 2026: डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहने की आदत ने हमारी जीवनशैली को बेहद सुस्त बना दिया है। इसका सीधा असर शरीर के अंदरूनी अंगों पर पड़ रहा है।

शारीरिक गतिविधियों की कमी, गलत खान-पान और कम पानी पीने की आदत के कारण आज कम उम्र के लोग भी किडनी स्टोन (पथरी) जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं।

जब किडनी में पथरी बनती है, तो शरीर के अंदर जमा विषैले तत्व बाहर नहीं निकल पाते। नतीजतन तेज दर्द, जलन, पेशाब में दिक्कत और कई बार संक्रमण तक हो जाता है।

आमतौर पर लोग दवाइयों या सर्जरी का सहारा लेते हैं, लेकिन अगर शुरुआती दौर में ही जीवनशैली सुधारी जाए, तो इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है। योग इसी दिशा में एक सरल, सुरक्षित और प्राकृतिक उपाय माना जाता है।

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🧘‍♂️ क्या है सर्पासन और क्यों है पथरी में फायदेमंद?

योग के प्रभावी आसनों में से एक है सर्पासन, जिसे भुजंगासन या कोबरा पोज भी कहा जाता है। यह आसन दिखने में जितना आसान है, असर में उतना ही गहरा माना जाता है।

सर्पासन करते समय व्यक्ति पेट के बल लेटकर ऊपरी शरीर को ऊपर उठाता है। इस प्रक्रिया में पेट, कमर और रीढ़ की हड्डी पर हल्का दबाव पड़ता है। यही दबाव किडनी के लिए फायदेमंद साबित होता है।


🩸 किडनी को कैसे करता है साफ सर्पासन?

पथरी बनने की सबसे बड़ी वजहों में से एक है किडनी का ठीक से साफ न हो पाना। सर्पासन करने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे किडनी तक अधिक ऑक्सीजन और पोषण पहुंचता है। बेहतर ब्लड फ्लो के कारण किडनी अपनी सफाई का काम सही ढंग से कर पाती है।

योग विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित अभ्यास से—

  • किडनी के आसपास की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं

  • विषैले तत्व बाहर निकलने की प्रक्रिया तेज होती है

  • शुरुआती चरण की छोटी पथरी धीरे-धीरे टूटकर पेशाब के रास्ते बाहर निकलने में मदद मिल सकती है

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इसी वजह से पथरी के शुरुआती लक्षणों में सर्पासन को काफी उपयोगी माना जाता है।


🦴 रीढ़, कमर और पीठ दर्द में भी असरदार

सिर्फ किडनी ही नहीं, सर्पासन रीढ़ की हड्डी को भी मजबूती देता है। आजकल कमर और पीठ दर्द आम समस्या बन चुकी है।

इस आसन से पीठ की मांसपेशियां खिंचती हैं, उनमें लचीलापन आता है और रीढ़ सीधी व मजबूत बनती है। मजबूत रीढ़ का सकारात्मक असर शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ता है।


🧠 तनाव कम करने और मन को शांत रखने में मददगार

शरीर में दर्द या अंदरूनी समस्या होने पर मानसिक तनाव बढ़ जाता है। सर्पासन के दौरान गहरी सांस ली जाती है, जिससे फेफड़े बेहतर तरीके से काम करते हैं और दिमाग तक अधिक ऑक्सीजन पहुंचती है। इससे—

  • मन शांत होता है

  • तनाव और बेचैनी कम होती है

  • मानसिक ऊर्जा बढ़ती है

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✨ त्वचा, पाचन और ऊर्जा के लिए भी फायदेमंद

सर्पासन का असर सिर्फ अंदरूनी अंगों तक सीमित नहीं रहता। बेहतर रक्त संचार के कारण—

  • चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है

  • त्वचा स्वस्थ दिखती है

  • पाचन तंत्र सक्रिय होता है

  • पेट साफ रहता है और शरीर में गंदगी जमा नहीं हो पाती


📝 सर्पासन करने की सही विधि

  1. पेट के बल जमीन पर लेट जाएं

  2. दोनों हथेलियों को छाती के पास रखें

  3. गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे ऊपरी शरीर को ऊपर उठाएं

  4. सिर को पीछे की ओर ले जाकर ऊपर देखें

  5. कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहें

  6. फिर आराम से वापस लेट जाएं

रोजाना कुछ मिनट नियमित अभ्यास से शरीर में बड़ा बदलाव महसूस किया जा सकता है।

ध्यान दें: अगर पथरी की समस्या गंभीर है या तेज दर्द हो, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें। सर्पासन शुरुआती चरण में और डॉक्टर की सलाह से करें।

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