नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की अध्यक्षता वाली युगल पीठ ने इस मामले में 26 सितंबर तक राज्य सरकार से जवाब मांगा। आरोपी मिश्रा की ओर से पेश हुए पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने शीर्ष अदालत को अवगत कराया कि किसानों की मौत के कारण हुई हिंसा की घटना पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पूरी तरह से सुनवाई नहीं की।

रोहतगी ने दलील दी,“ मैं आपसे इस मामले को सुनने का अनुरोध करना चाहता हूं, जिस पर शीर्ष अदालत नोटिस जारी करने के लिए सहमत हो गया।” केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 26 जुलाई को जमानत मंजूर करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उन्हें राहत और जमानत के लिए अगस्त के अंतिम सप्ताह में शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा था। मिश्रा ने कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के साथ छेड़खानी और किसी तरह की बाधा पहुंचाने की कोई आशंका नहीं है और 98 गवाहों और उनके परिवार के सदस्यों को सुरक्षा प्रदान की गई है।

मिश्रा को पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया और आरोपपत्र में दावा किया गया कि हत्याएं ‘पूर्व नियोजित’ ढंग से की गयी थीं। अभियोजन पक्ष ने कहा कि मिश्रा पिछले साल तीन अक्टूबर को तीन या चार कारों के काफिले के साथ एक एसयूवी में आए और कथित तौर पर कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को कुचल दिया था।

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