- 25,753 नियुक्तियां रद्द करने का आदेश बरकरार
नई दिल्ली, 20 अगस्त — उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में करीब 24,000 सहायक शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द करने के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार और अन्य की दायर समीक्षा याचिकाएं बुधवार को खारिज करते हुए तीन अप्रैल, 2025 का अपना फैसला बरकरार रखा।
न्यायमूर्ति पी वी संजय कुमार और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कीं।
पीठ इसे सुनवाई योग्य नहीं मानते हुए कहा, “वस्तुतः पूरे मामले की गुण-दोष के आधार पर पुनः सुनवाई की मांग वाली ये पुनर्विचार याचिकाएं विचार करने लायक नहीं हैं, क्योंकि सभी प्रासंगिक पहलुओं की पहले ही जांच और व्यापक विचार किया जा चुका है। इसलिए पुनर्विचार याचिकाओं को खुली अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के आवेदन अस्वीकार किए जाते हैं।”
📚 क्या है SSC घोटाला?
2016 में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग द्वारा की गई शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियों में व्यापक भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। कलकत्ता हाईकोर्ट ने अप्रैल 2024 में इन नियुक्तियों को रद्द कर दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में बरकरार रखा।
👥 प्रभावित उम्मीदवारों का भविष्य
सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि जिन उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई, उन्हें उनके पुराने विभागों में लौटने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया की पवित्रता को बनाए रखना न्यायिक व्यवस्था की प्राथमिकता है।
🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया
राज्य सरकार ने फैसले पर निराशा जताई है, जबकि विपक्ष ने इसे “भ्रष्टाचार के खिलाफ न्याय की जीत” बताया। शिक्षा विभाग में अब नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की संभावना जताई जा रही है।
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