- प्रशासन की अनदेखी पर फूटा जनता का गुस्सा
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज ब्लॉक अंतर्गत योगेशगंज में स्थित नटोबर रायमंगल नदी फेरी घाट की जर्जर हालत अब जनता के लिए जानलेवा संकट बन चुकी है।
सुंदरबन क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए यह घाट दैनिक आवाजाही का मुख्य जरिया है, लेकिन घाट की बदहाल स्थिति को लेकर वर्षों से प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता स्थानीय लोगों के धैर्य की सीमा पार कर चुकी है।
कुमीरमार, मोल्लाखाली, धामाखाली, नेजात, कालिनगर जैसे गांवों के लोग इसी घाट के जरिए रायमंगल नदी पार करते हैं। इसमें स्कूल और कॉलेज के छात्र, बुज़ुर्ग, महिलाएं और रोज़गार के लिए बाहर जाने वाले हज़ारों लोग शामिल हैं।
बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। रास्ता इतना फिसलन भरा हो जाता है कि लोग बाइक, साइकिल या पैदल नदी में फिसल जाते हैं। ईंटों और बिजली के खंभों से अस्थायी तरीके से घाट को टिका कर लोग किसी तरह जान जोखिम में डालकर पार करते हैं।
स्थानीय निवासी सुभाष मंडल ने बताया—”हमने कई बार प्रशासन से मांग की है कि घाट को पक्का किया जाए, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। छात्र-छात्राओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी परेशान हैं।”
योगेशगंज ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि कल्याण मंडल ने भी माना कि—”हाँ, समस्या गंभीर है। ज्वार के समय घाट का इस्तेमाल और भी मुश्किल हो जाता है। हमने यह जानकारी ब्लॉक प्रशासन तक पहुँचा दी है।”
प्रशासन की बेरुखी और लंबे समय से जारी अनदेखी से नाराज़ लोग अब आंदोलन की राह पर हैं। स्थानीयों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द इस घाट को पक्का और सुरक्षित जेटी घाट में नहीं बदला गया, तो वे सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे।
नटोबर घाट हिंगलगंज का सबसे व्यस्त घाट माना जाता है। दिन-रात इस पर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। घाट की खस्ता हालत किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है, जिससे प्रशासन की जवाबदेही और भी बढ़ जाती है।
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