सुंदरबन (पश्चिम बंगाल) | 6 जनवरी 2026: सुंदरबन के घने मैंग्रोव जंगलों में अवैध शिकार का एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। हिरण के शिकार के लिए लगाए गए तार के फंदे में एक रॉयल बंगाल टाइगर फंस गया, जिससे वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गनीमत रही कि समय रहते वन विभाग को सूचना मिल गई और त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए बाघ की जान बचा ली गई।
जंगल के अंदरूनी हिस्से में हुई घटना
वन अधिकारियों के अनुसार, यह घटना सुंदरबन के अंदरूनी इलाके में हुई, जहां शिकारियों ने अवैध रूप से तार का फंदा बिछाया था। यह फंदा खासतौर पर हिरण के शिकार के लिए लगाया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश उसमें एक बाघ फंस गया। फंदे में फंसे बाघ के कारण इलाके में हड़कंप मच गया।

सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
रविवार को घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन सुंदरबन के मोंगला रेंज में शारकीर नहर के किनारे, बैद्दामारी और जयमनी इलाकों के बीच चलाया गया।
अभियान में वन विभाग के अधिकारी, वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स और ढाका से बुलाए गए अनुभवी वेटरनरी डॉक्टर शामिल थे।
दोपहर के समय बाघ को ट्रैंक्विलाइज़र देकर बेहोश किया गया, जिसके बाद उसे सावधानीपूर्वक तार के फंदे से मुक्त किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अगर थोड़ी भी देर हो जाती तो बाघ की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
निगरानी में रखा गया बाघ
रेस्क्यू के बाद बाघ को पिंजरे में रखकर निगरानी में रखा गया है। करमजल वन्यजीव प्रजनन केंद्र के एक्टिंग मैनेजिंग डायरेक्टर आजाद कबीर ने बताया कि बाघ का इलाज चल रहा है और उसे आगे के उपचार के लिए खुलना भेजा जाएगा।
अवैध शिकार बना बड़ा खतरा
वन विभाग ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि सुंदरबन में अवैध शिकार रॉयल बंगाल टाइगर समेत पूरे वन्यजीव तंत्र के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
- सुंदरबन में अवैध शिकार और फंदे लगाना आम समस्या है।
- ये फंदे अक्सर हिरण या अन्य छोटे जानवरों के लिए लगाए जाते हैं, लेकिन इनमें बाघ जैसे बड़े शिकारी भी फंस जाते हैं।
- वन विभाग ने कहा है कि ऐसे मामलों में सख्त निगरानी और छापेमारी बढ़ाई जाएगी।
विभाग ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गश्त बढ़ाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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