कोलकाता हिन्दी न्यूज | 23 अगस्त 2026: पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार और कथित वसूली के मुद्दे पर भाजपा ने अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं को सख्त संदेश दिया है।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा है कि पार्टी में रहते हुए वसूली या भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी को वसूली के जरिए कमाई करनी है, तो वह भाजपा में न रहे और किसी दूसरी पार्टी में चला जाए।
‘वसूली करनी है तो तृणमूल में जाएं’
सुकांत मजूमदार ने कथित तौर पर कहा कि भाजपा में रहकर वसूली करने वालों के खिलाफ जरूरत पड़ने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उनके बयान के अनुसार, भाजपा में राजनीति को कमाई का जरिया बनाने की कोई परंपरा नहीं है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से त्याग और संगठन के प्रति समर्पण की भावना के साथ काम करने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति राजनीति के जरिए आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से भाजपा में है, तो उसके लिए पार्टी छोड़ देना बेहतर है।
‘भाजपा में पार्टी करके खाने की परंपरा नहीं’
सुकांत मजूमदार ने पार्टी की कार्यशैली और विचारधारा का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा में राजनीति करने का उद्देश्य व्यक्तिगत कमाई नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि पार्टी में रहते हुए तोलाबाजी यानी वसूली और भ्रष्टाचार की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उनका बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद पार्टी संगठन के भीतर भी भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों को लेकर चर्चा हो रही है।
स्थानीय नेताओं पर भी लगे भ्रष्टाचार के आरोप
पार्टी नेतृत्व का दावा है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भ्रष्टाचार और वसूली में शामिल होने के आरोप लगे हैं।
भाजपा नेतृत्व का कहना है कि सरकार बनने के बाद पार्टी के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति महत्वपूर्ण है।
हालांकि, किसी व्यक्ति पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और सक्षम प्राधिकारी के निष्कर्ष के आधार पर ही की जा सकती है।
आम लोगों से भी सुकांत की अपील
सुकांत मजूमदार ने आम लोगों से भी अपील की कि अगर भाजपा का कोई नेता या कार्यकर्ता दादागिरी करे, धमकाए या वसूली करने की कोशिश करे, तो उसके खिलाफ सीधे पुलिस में शिकायत और FIR दर्ज कराई जाए।
उन्होंने कहा कि नेता कितना भी बड़ा क्यों न हो, इस तरह की गतिविधियों के मामले में पार्टी उसके साथ खड़ी नहीं होगी।
यह संदेश पार्टी के स्थानीय स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शमिक भट्टाचार्य भी दे चुके हैं चेतावनी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य भी इससे पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को भ्रष्टाचार और वसूली से दूर रहने की चेतावनी दे चुके हैं।
पार्टी नेतृत्व की ओर से यह संकेत दिया गया है कि यदि भाजपा के किसी कार्यकर्ता या नेता पर भ्रष्टाचार अथवा वसूली के गंभीर आरोप आते हैं, तो संगठन के स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है।
यानी भाजपा नेतृत्व यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि सत्ता में आने के बाद भी पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार के आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
‘नव्य भाजपा’ पर भी पार्टी में चिंता
भाजपा नेतृत्व की ओर से एक और आरोप लगाया गया है कि तृणमूल कांग्रेस के कई पुराने कार्यकर्ता निचले स्तर पर खुद को भाजपा का समर्थक या कार्यकर्ता बताने लगे हैं।
पार्टी के कुछ नेताओं ने ऐसे लोगों को ‘नव्य भाजपा’ कहकर आरोप लगाया है कि इनमें से कुछ लोग कथित तौर पर वसूली और भ्रष्टाचार जैसी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।
हालांकि, इन व्यापक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण के आधार पर नहीं हुई है।
250 कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई का दावा
भाजपा की ओर से दावा किया गया है कि भ्रष्टाचार और वसूली के आरोपों के चलते करीब 250 लोगों को हाल में पार्टी से निलंबित किया गया है।
यदि यह आंकड़ा आधिकारिक पार्टी रिकॉर्ड से पुष्ट होता है, तो यह दर्शाता है कि संगठन स्थानीय स्तर पर अनुशासन और भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर कार्रवाई कर रहा है।
भाजपा के लिए बढ़ती चुनौती
सत्ता में आने के बाद किसी भी राजनीतिक दल के सामने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर पारदर्शिता बनाए रखने की चुनौती होती है।
भाजपा नेतृत्व के हालिया बयानों से संकेत मिलता है कि पार्टी स्थानीय स्तर पर कथित वसूली और भ्रष्टाचार को लेकर सख्त संदेश देना चाहती है।
अब देखना होगा कि नेताओं की चेतावनी के बाद पार्टी संगठन कथित भ्रष्टाचार और वसूली के मामलों में किस तरह की कार्रवाई करता है और क्या स्थानीय स्तर पर इस तरह की शिकायतों में कमी आती है।
निष्कर्ष
सुकांत मजूमदार के बयान ने पश्चिम बंगाल भाजपा के भीतर भ्रष्टाचार और वसूली के खिलाफ पार्टी की कथित जीरो टॉलरेंस नीति को एक बार फिर सामने ला दिया है।
उन्होंने साफ कहा कि भाजपा में रहकर वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कोई भाजपा नेता या कार्यकर्ता धमकी या वसूली करता है, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाए।
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