कोलकाता | 23 दिसंबर 2025 : पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री और राज्य भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार को उनके भाई और भतीजे नियंत्रित कर रहे हैं।
मजूमदार ने कहा कि मुख्यमंत्री को इस “कंट्रोल” से खुद को मुक्त करना चाहिए, क्योंकि कोई विश्व स्तर का नेता किसी के नियंत्रण में नहीं रह सकता।
यह बयान ममता बनर्जी के उस कटाक्ष के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि गृह मंत्री अमित शाह ही उन्हें और देश को नियंत्रित कर रहे हैं।

ममता बनर्जी का हमला
सोमवार को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में टीएमसी और बीएलए से जुड़े बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की बैठक को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए।
उन्होंने विशेष गहन संशोधन (SIR) के मुद्दे पर कहा, “गृह मंत्री ही पूरी चीज को नियंत्रित कर रहे हैं। ऐसा नहीं लगता कि प्रधानमंत्री भी पूरी चीज को नियंत्रित कर रहे हैं। मुझे शक है कि गृह मंत्री ही उन्हें और देश को भी नियंत्रित कर रहे हैं।”
यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के संशोधन (SIR) और आगामी 2026 विधानसभा चुनावों के संदर्भ में आई है, जहां टीएमसी और भाजपा के बीच तीखी बहस छिड़ी हुई है।
सुकांत मजूमदार का जवाब
सुकांत मजूमदार ने ममता बनर्जी के इस बयान को उनकी अपनी स्थिति का दर्पण बताते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘वर्ल्ड लीडर’ हैं और कोई भी वर्ल्ड लीडर किसी के कंट्रोल से नहीं बन सकता।
संकट की हर घड़ी में सिर्फ देश नहीं, बल्कि पूरे विश्व को प्रधानमंत्री मोदी राह दिखाते हैं। मुख्यमंत्री का यह कहना कि प्रधानमंत्री मोदी को कोई दूसरा व्यक्ति कंट्रोल कर रहा है, तो उनकी स्वयं की स्थिति को दर्शाता है।”
मजूमदार ने आगे तंज कसते हुए कहा, “आपके शासन को कौन चला रहा है? उस कंट्रोल से आप खुद बाहर निकलें। अगली बार चुनाव में आपकी हार निश्चित है, लेकिन अगर कुछ सीटें आती हैं तो टीएमसी की इज्जत बच जाएगी।”
पृष्ठभूमि और राजनीतिक संदर्भ
- ममता बनर्जी का भतीजा अभिषेक बनर्जी (टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद) पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भाजपा लंबे समय से उन्हें “भतीजा कल्यान” और “टोलाबाज भाईजा” कहकर निशाना बना रही है।
- ममता के भाई स्वपन बनर्जी (बबून) और परिवार के अन्य सदस्य भी समय-समय पर चर्चा में रहे हैं, हालांकि ममता ने खुद को “परिवारवाद” से दूर बताया है।
- यह विवाद SIR और मतदाता सूची संशोधन के बीच तेज हुआ है, जहां ममता बनर्जी का आरोप है कि यह प्रक्रिया टीएमसी समर्थकों को प्रभावित करने के लिए हो रही है।
यह राजनीतिक बयानबाजी 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले दोनों पार्टियों के बीच बढ़ती तनातनी को दर्शाती है।
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