खड़गपुर। पूर्व मेदिनीपुर जिला अंतर्गत कोलाघाट के पानशिला फूलबाजार को चलाने की मांग बोलेका मंच पर पश्चिम बंगाल सरकार के लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग तथा वस्त्र विभाग के आवाहन पर आयोजित सिनर्जी (समन्वय) बैठक में सारा बंगाल फूल कृषक और फूल व्यापारी समिति के महासचिव नारायण चंद्र नायक ने की है।
इस मांग के बाद प्रशासन को बाजार को चालू करने के लिए सक्रिय होते देखा गया। फूल व्यवसायियों के मुताबिक राज्य का तीसरा सबसे बड़ा फूलबाजार पूर्व मिदनापुर जिले के देउली में स्थित है।
यह बाजार राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 6 के पास होने के कारण और सुबह तीन बजे से खुलने के कारण अक्सर सुबह-सुबह दुर्घटनाएं होती थी। इस स्थिति के कारण क्षेत्र के फूलकृषक, फूलव्यापारी और सभी स्तर की जनता ने बाजार को नजदीकी किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की थी।

2019 में तत्कालीन जिलाधिकारी डॉक्टर रश्मि कमल के प्रयास से राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पानशिला में बाजार स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
कोलाघाट ताप विद्युत केंद्र और पूर्व मिदनापुर जिला परिषद के सहयोग से लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की एक एकड़ जमीन पर बाजार का ढांचा बनाया गया।
लेकिन इसके बाद भी पांच साल बीत गए, पर यह बाजार चालू नहीं हो पाया। हालांकि इस अप्रयुक्त बाजार में अब खाद्य विभाग का अस्थाई धान क्रय केंद्र शुरू हो गया है।
इसी संदर्भ में आज हुई समन्वय बैठक में बाजार को चालू करने की जोरदार मांग उठी। उन्होंने बताया कि बैठक में यह मांग उठाने के बाद विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पांडेय ने जिलाधिकारी को तुरंत बाजार शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
फलस्वरूप, दोनों मिदनापुर और हावड़ा जिलों के हजारों फूल कृषक एवं फूल व्यापारी इस बाजार के शुरू होने की फिर से उम्मीद लगाए हैं।
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