मुंबई (अनिल बेदाग) : दिल्ली की सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाकर उन्हें आश्रय गृहों में रखने के सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद अभिनेत्री एंजेला क्रिस्लिंस्की ने एक बेहद निजी और भावनात्मक कहानी साझा की है जिसने आवारा कुत्तों के प्रति उनके नज़रिए को हमेशा के लिए बदल दिया।
एंजेला ने दिल्ली की एक सर्द रात को याद किया जब वह अकेली घर जा रही थीं। उन्होंने कहा, “मैं एक सुनसान सड़क पर थी और मुझे एहसास हुआ कि कोई मेरा पीछा कर रहा है। मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। तभी अचानक एक आवारा कुत्ता प्रकट हुआ और मेरे बगल में चलने लगा।”
इसके बाद जो हुआ वह किसी दैवीय हस्तक्षेप से कम नहीं लगा। “मेरा पीछा कर रहा आदमी अचानक धीमा हो गया और फिर मुड़ गया। वह कुत्ता मेरे साथ तब तक चला जब तक मैं अपने गेट तक नहीं पहुँच गई, अपनी पूँछ हिलाई और चुपचाप चला गया।
एंजेला की पहल ने कई शहरों में बदलाव की लहर शुरू की है, जहाँ आवारा कुत्तों को अब “सड़क के साथी” कहा जाता है।
उस रात, मुझे एहसास हुआ कि जानवर कितने निस्वार्थ और सुरक्षात्मक हो सकते हैं, भले ही आपको जाने बिना ही,” एंजेला ने कृतज्ञता से भरी आवाज़ में बताया। वह अपने घर पर दो कुत्तों की देखभाल भी करती हैं, साथ ही अपने इलाके के आवारा कुत्तों की भी।
- 🏡 समाधान क्या है?
- स्थानीय स्तर पर सामुदायिक देखभाल समूह बनाना
- टीकाकरण और नसबंदी कार्यक्रमों को बढ़ावा देना
- स्कूलों और कॉलेजों में पशु-संवेदनशीलता की शिक्षा देना
यह घटना उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ बन गई, जिसने उन्हें पशु कल्याण की और भी मज़बूत पैरोकार बना दिया। उन्होंने कहा, “यह सोचकर मेरा दिल टूट जाता है कि उसके जैसे कुत्ते जो बिना कुछ माँगे रक्षा और प्यार करते हैं सड़कों से हटाए जा सकते हैं। आवारा कुत्ते कोई उपद्रव नहीं हैं, वे हमारे समुदाय का हिस्सा हैं।”
एंजेला के लिए, यह सिर्फ़ जानवरों के बारे में नहीं है, यह करुणा, सुरक्षा और इंसानों और आवारा कुत्तों के बीच मौजूद अदृश्य बंधन के बारे में है। उनकी मार्मिक कहानी हमें याद दिलाती है कि कभी-कभी, सबसे अप्रत्याशित रक्षक चार पैरों पर चलते हैं।
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