कोलकाता हिन्दी न्यूज | 04 सितम्बर 2026: पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल एसएसकेएम अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को कथित तौर पर झांसा देकर ठगी करने का मामला सामने आया है।
खुद को अस्पताल की कर्मचारी बताकर मरीजों के परिजनों को विभिन्न सेवाएं दिलाने के नाम पर मदद का भरोसा देने वाली एक महिला के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, महिला के अस्पताल परिसर में सक्रिय कथित दलालचक्र से संपर्क होने के संकेत मिले हैं।
आरोपी महिला की पहचान सालमा बीबी (40) के रूप में हुई है। वह दक्षिण 24 परगना के मगराहाट की रहने वाली बताई जा रही है।
पुलिस ने उसके खिलाफ खुद को अस्पतालकर्मी बताकर कथित तौर पर धोखाधड़ी करने और अन्य लोगों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस कथित दलालचक्र से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
SSKM में पुलिस की गश्त के दौरान सामने आया मामला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे एसएसकेएम अस्पताल परिसर में अस्पताल आउटपोस्ट के एक पुलिस अधिकारी गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक महिला खुद को अस्पताल की कर्मचारी बताकर परिसर में घूम रही है।
पुलिस के मुताबिक, महिला अस्पताल के अलग-अलग विभागों और आउटडोर में अपने बेरोकटोक आने-जाने का दावा कर रही थी। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान उसके मोबाइल फोन में मौजूद व्हाट्सऐप बातचीत की जांच की गई।
पुलिस का दावा है कि व्हाट्सऐप चैट की जांच के दौरान महिला के अस्पताल में सक्रिय कथित दलालचक्र के साथ संपर्क होने के संकेत मिले। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई।
परिजनों से खुद को अस्पतालकर्मी बताने का आरोप
जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी महिला को अक्सर अस्पताल के विभिन्न वार्डों और अधिकारियों के कमरों के आसपास घूमते देखा जाता था। आरोप है कि वह मरीजों के परिजनों के सामने खुद को अस्पताल की कर्मचारी बताती थी।
पुलिस को आशंका है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी का फायदा उठाकर उन्हें विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराने या काम जल्दी करवाने का भरोसा दिया जाता था। इसके बदले कथित तौर पर पैसे लिए जाते थे।
हालांकि, पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि महिला की भूमिका केवल मरीजों के परिजनों को कथित तौर पर प्रभावित करने तक सीमित थी या वह अस्पताल परिसर में सक्रिय किसी बड़े दलाल नेटवर्क का हिस्सा थी।
खाते में भेजे गए 2 हजार रुपये, जांच में लेनदेन पर नजर
पुलिस की जांच में एक कथित वित्तीय लेनदेन भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, अस्पताल की किसी सेवा को उपलब्ध कराने के नाम पर एक व्यक्ति के बैंक खाते में 2 हजार रुपये भेजे गए थे।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि यह रकम कथित दलालचक्र से जुड़े लेनदेन का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, इस लेनदेन की वास्तविक प्रकृति और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उक्त रकम किसके निर्देश पर भेजी गई थी और इसके बदले मरीज या उसके परिजन को कौन-सी सेवा उपलब्ध कराने का दावा किया गया था।
एसएसकेएम में दलालों पर पहले भी हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों में सक्रिय कथित दलालचक्र को खत्म करने के लिए राज्य सरकार और पुलिस की ओर से हाल के दिनों में कार्रवाई तेज की गई है। एसएसकेएम अस्पताल में भी कथित दलाली गतिविधियों के आरोप में पहले कई लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
ऐसे में अस्पताल परिसर में खुद को कर्मचारी बताकर घूमने वाली महिला के खिलाफ कार्रवाई ने एक बार फिर अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को कथित तौर पर निशाना बनाने वाले दलाल नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपी महिला से पूछताछ के साथ-साथ उसके संपर्क में रहे लोगों और कथित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। जांच में यदि किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आती है, तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस की जांच में क्या-क्या सामने आएगा?
पुलिस मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जांच कर रही है—
- क्या सालमा बीबी वास्तव में किसी बड़े दलालचक्र के संपर्क में थी?
- मरीजों और उनके परिजनों से कथित तौर पर कितनी रकम ली गई?
- अस्पताल में सक्रिय अन्य लोगों या कर्मचारियों से उसका कोई संपर्क था या नहीं?
जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के स्पष्ट जवाब मिल सकेंगे।
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