खड़गपुर। स्पंज आयरन उद्योगों का घातक प्रदूषण खड़गपुर को निगल रहा है, लेकिन राजनीतिक दल खामोश दर्शक बने हैं। “खड़गपुर प्रदूषण विरोधी मंच” ने शहर के 16 क्लबों और संगठनों के संयुक्त प्रयास से सभी प्रमुख दलों को कड़ा संदेश दिया है – विधानसभा चुनाव से पहले प्रदूषण के खिलाफ खड़े हो जाओ, नहीं तो जनता तुम्हें ठुकरा देगी।
मंच ने दलों के जिला नेताओं को अपील पत्र सौंपा, जिसमें “चुनाव लड़ते हैं लेकिन प्रदूषण से नहीं” वाले नारों पर तंज कसा गया। मंच के प्रतिनिधियों ने बताया कि स्पंज आयरन फैक्ट्रियों से निकलने वाली जहरीली प्रदूषण ने पूरे खड़गपुर को ग्रसित कर लिया है।
ये फैक्ट्रियां न केवल हवा को प्रदूषित कर रही हैं, बल्कि स्वास्थ्य समस्याओं और पर्यावरणीय क्षति का कारण बन रही हैं। फिर भी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।
उल्टा, कुछ दल इन्हीं प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों से खुलेआम आर्थिक मदद लेकर खेलकूद आयोजन और उत्सव मना रहे हैं। मंच ने इसे “पैसे के आगे घुटने टेकना” करार दिया है।
अपील पत्र में राजनीतिक दलों से मांग की गई है कि विधानसभा चुनाव से पहले स्पंज आयरन प्रदूषण के खिलाफ ठोस कार्रवाई करें। दलों को चेतावनी दी गई कि प्रदूषण विरोधी अभियान में भाग न लेने पर मतदाता उन्हें वोट से नकार देंगे।
पत्र राष्ट्रीय कांग्रेस, एसआईयूसीआई, सीपीआई, सीपीआई (एम), तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के जिला अध्यक्षों या सचिवों को सौंपा गया। सभी नेताओं ने प्रदूषण के खिलाफ मंच के आंदोलन से सहमति जताई और आश्वासन दिया कि चुनाव प्रचार के दौरान इस मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
खड़गपुर प्रदूषण विरोधी मंच लगातार प्रदूषणरोधी आंदोलन चला रहा है। संगठन ने जनता से अपील की है कि उम्मीदवारों और दलों से स्पंज आयरन प्रदूषण समाधान पर सवाल पूछें।
पर्यावरणविदों का कहना है कि स्पंज आयरन उद्योगों से निकलने वाली फाइन पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5) सांस संबंधी बीमारियां, कैंसर और मिट्टी की उर्वरता नष्ट कर रही है। मंच का लक्ष्य है स्वच्छ हवा और स्वस्थ खड़गपुर।
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