कोलकाता। दक्षिण पश्चिम मॉनसून अपनी शुरुआत की सामान्य तिथि से कम से कम चार दिन पहले पश्चिम बंगाल में पहुंच गया और राज्य के उप-हिमालयी जिलों के कुछ हिस्सों पर छा गया है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग ने कहा कि उत्तरी ओडिशा के तटीय हिस्से और पश्चिम बंगाल के गंगा वाले भाग पर एक चक्रवाती परिसंचरण बनने और बंगाल की खाड़ी से पूर्वोत्तर भारत की ओर तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलने के कारण अगले पांच दिन के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भारी बारिश होगी।

मौसम विभाग ने मॉनसून की शुरुआत के कारण 8 जून की सुबह तक कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। अगले पांच दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल के गंगा वाले जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और हल्की बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अपनी सामान्य शुरुआत की तिथि यानी एक जून से तीन दिन पहले 29 मई को ही केरल पहुंच गया था।

आईएमडी ने बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, बंगाल की खाड़ी के उत्तरपूर्व और पूर्व मध्य हिस्सों के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है साथ ही यह मिजोरम, मणिपुर और नगालैंड के अधिकतर हिस्सों तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने मॉनसून की शुरुआत के कारण 8 जून की सुबह तक कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है. अगले पांच दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल के गंगा वाले जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और हल्की बारिश होने का अनुमान है।

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