अनिल बेदाग, बिज़नेस डेस्क | 24 दिसंबर 2025 : भारत का ऊर्जा क्षेत्र अब केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहा। नई दिल्ली में आयोजित एफआईसीसीआई इंडियन पावर एंड एनर्जी स्टोरेज कॉन्फ्रेंस 2025 में नीति‑निर्माताओं, नियामकों और उद्योग जगत ने मिलकर यह स्पष्ट किया कि भविष्य की दिशा ग्रिड स्थिरता, ऊर्जा भंडारण और स्मार्ट वितरण से तय होगी।
🔋 भारत की ऊर्जा क्षमता और नया फोकस
- भारत की स्थापित क्षमता: 500 गीगावॉट से अधिक
- दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बिजली उत्पादक
- अब फोकस: अधिशेष उत्पादन से आगे बढ़कर लचीलापन और भरोसेमंद आपूर्ति
पावर मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्रीकांत नागुलपल्ली ने कहा— “भारत का ऊर्जा संक्रमण केवल जलवायु प्रतिबद्धताओं तक सीमित नहीं है, यह 2047 तक आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार भी है।”
📡 स्मार्ट मीटरिंग और स्मार्ट ग्रिड्स
वितरण क्षेत्र को सुधार की धुरी बताते हुए अतुल बाली ने कहा— “स्मार्ट मीटरिंग और स्मार्ट ग्रिड्स से बिलिंग दक्षता और उपभोक्ता सशक्तिकरण में ठोस सुधार दिख रहा है।”

🔥 थर्मल सेक्टर की भूमिका
थर्मल सेक्टर पर बोलते हुए प्रवीन गुप्ता ने कहा— “नवीकरणीय ऊर्जा के साथ थर्मल प्लांट्स का संतुलित और लचीला संचालन अनिवार्य है।”
🤝 सम्मेलन का निष्कर्ष
सम्मेलन में यह सहमति बनी कि—
- नीति सुधार
- तकनीकी नवाचार
- और स्टोरेज आधारित समाधान
मिलकर ही भारत को एक स्थिर, भविष्य‑सक्षम और विकसित ऊर्जा राष्ट्र बना सकते हैं।
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