कोलकाता हिन्दी न्यूज | 08 अगस्त 2026: सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण यानी एसजेडीए (SJDA) में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। प्राधिकरण के पिछले 15 वर्षों के आय-व्यय का विस्तृत ऑडिट कराया जाएगा।
इसके साथ ही अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी। जांच के लिए एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया है।
यह फैसला एसजेडीए की महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में लिया गया। करीब ढाई वर्षों के गतिरोध के बाद हुई इस बैठक में एक ओर जहां क्षेत्र के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की गई, वहीं पिछली बोर्ड अवधि में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया।
पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने बैठक के बाद कहा कि एसजेडीए के पिछले 15 वर्षों के आय-व्यय का ऑडिट कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कथित भ्रष्टाचार में नेता, मंत्री या अधिकारी—जो भी शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
200 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार की जांच
एसजेडीए में करीब 200 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत सिर्फ वित्तीय दस्तावेजों की जांच ही नहीं होगी, बल्कि उन अधिकारियों की भूमिका भी खंगाली जाएगी, जिनकी जिम्मेदारी संबंधित कार्यों और वित्तीय निर्णयों में थी।
जांच को निष्पक्ष बनाने के लिए एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करने की बात कही गई है। यह कमेटी प्रारंभिक प्रशासनिक जांच करेगी और उपलब्ध दस्तावेजों तथा वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल करेगी।
पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने कहा कि भ्रष्टाचार में यदि कोई नेता, मंत्री या अधिकारी शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ढाई साल बाद हुई एसजेडीए की बोर्ड बैठक
एसजेडीए की बोर्ड बैठक करीब ढाई वर्षों के अंतराल के बाद हुई। शुक्रवार को दार्जिलिंग के जिलाधिकारी हरीशंकर पनिक्कर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पर्यटन मंत्री शंकर घोष के अलावा परिवहन एवं वित्त मंत्री आनंदमय बर्मन, विधायक शिखा चट्टोपाध्याय समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में शिलिगुड़ी और जलपाईगुड़ी क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
प्रशासन का दावा है कि नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अब एक समन्वित विकास योजना के तहत काम किया जाएगा।
100 करोड़ रुपये की नई विकास योजना
एसजेडीए क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए शुरुआती तौर पर करीब 100 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। इसमें सड़क, जल निकासी, पेयजल, श्मशान घाटों के पुनर्विकास और आधुनिक स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
बताया गया है कि बारिश का मौसम खत्म होने के बाद इन परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। प्रशासन का लक्ष्य लंबे समय से लंबित नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को तेजी से पूरा करना है।
एसजेडीए का दायरा बढ़ाने की तैयारी
बैठक में एसजेडीए के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। नागराकाटा और धूपगुड़ी जैसे विधानसभा क्षेत्रों को एसजेडीए के दायरे में शामिल करने के लिए नगर विकास विभाग के समक्ष प्रस्ताव भेजने का फैसला लिया गया है।
इसके अलावा सिलीगुड़ी बस टर्मिनस के सामने स्थित पुराने एसजेडीए भवन को तोड़कर नया व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना भी सामने आई है। इसके लिए संबंधित व्यापारियों के साथ बातचीत कर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
विकास के साथ भ्रष्टाचार की जांच पर भी जोर
एसजेडीए की नई योजना में एक तरफ सड़क, पानी और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है, तो दूसरी तरफ पुराने वित्तीय मामलों की जांच का फैसला भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब 15 वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड का ऑडिट और प्रस्तावित जांच कमेटी की रिपोर्ट यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगी कि कथित अनियमितताओं के पीछे किसकी जिम्मेदारी थी। हालांकि, जांच पूरी होने तक किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
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