प्रतीकात्मक फोटो साभार गूगल

कोलकाता। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के जवानों ने उत्तर 24 परगना जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से एक बार फिर अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में प्रवेश करने की कोशिश करते छह बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। हालांकि बीएसएफ ने बिना कोई कार्रवाई किए मानवीय आधार पर इन सभी लोगों को पड़ोसी देश के सीमा रक्षक बल को सौंप दिया है। अधिकारियों ने बताया कि नौ अप्रैल, शनिवार की सुबह 68वीं वाहिनी की सीमा चौकी रनघाट और जीतपुर के जवानों ने इन सभी को पकड़ा था, जिनमें तीन महिलाएं, दो पुरुष व एक बच्चा शामिल हैं।

पकड़े गए लोगों में सबूज बाराें दत्ता (73), सुजान मरीधा (27), सकीना खातून (30), उमा खुलसुन (26), पोरमिला मंडल (27) व इनके तीन वर्षीय पुत्र शामिल हैं। ये सभी बांग्लादेश के अलग-अलग जिले के रहने वाले थे। बीएसएफ द्वारा जारी बयान के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि पकड़े गए कुछ बांग्लादेशी नागरिक अपने रिश्तेदारों से मिलने भारत आ रहे थे जबकि कुछ अन्य काम की तलाश में भारत आना चाहते थे। इन लोगों ने सीमा पार करने के लिए अलग- अलग दलालों को पांच से 14 हजार बांग्लादेशी टका तक दिया था।

दक्षिण बंगाल फ्रंटियर बीएसएफ के जनसंपर्क अधिकारी व डीआइजी सुरजीत सिंह गुलेरिया ने बताया कि मामले की पड़ताल के बाद पकड़े गए सभी बांग्लादेशी नागरिकों को दोनों देशों के सीमा रक्षक बलों के आपसी सहयोग और सद्भावना के कारण बार्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) को सौंप दिया गया। बीएसएफ अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों का पूर्व में कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला और न ही पहले उन्होंने कभी अवैध रूप से सीमा को पार किया था। इसीलिए उन्हें वापस बांग्लादेश को सौंप दिया गया।

इधर, 68वीं वाहिनी बीएसएफ के कमांडिंग आफिसर योगिंदर अग्रवाल ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही है जिसके चलते लोग पकड़े जा रहे। पकड़े गए लोगों के अपराध की गंभीरता को देखते हुए और दोनो देशों के बार्डर गार्डिंग फोर्स के आपसी सहयोग और सद्भवाना के चलते उनमें से कुछ को बार्डर गार्ड बांग्लादेश को सौंपा दिया जाता है।

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