कोलकाता | 8 नवंबर 2025: पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने उन बूथ स्तर अधिकारियों (BLOs) को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
जो नियमों का उल्लंघन करते हुए फॉर्म का वितरण मनमाने ढंग से या सार्वजनिक स्थानों पर कर रहे हैं।
निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ऐसे बीएलओ के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए।

⚠️ निष्पक्षता पर उठे सवाल
- शिकायतें मिलीं कि कुछ बीएलओ तृणमूल कांग्रेस नेताओं के घरों या पार्टी कार्यालयों से फॉर्म वितरित कर रहे थे
- कई जगहों पर सड़क किनारे बेंचों से फॉर्म बांटे जा रहे थे
- आरोप: तृणमूल कार्यकर्ता घर-घर जाकर फॉर्म वितरित कर रहे थे
- इससे प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठे
सूत्रों के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया शुरू होते ही विभिन्न जिलों से कई शिकायतें प्राप्त हुईं। आरोप थे कि कुछ बीएलओ तृणमूल कांग्रेस नेताओं के घरों या पार्टी कार्यालयों से फॉर्म वितरित कर रहे थे।
जबकि कई जगहों पर सड़क किनारे बेंचों से फॉर्म वितरित किए जा रहे थे। तृणमूल कार्यकर्ता घर-घर जाकर भी फॉर्म वितरित कर रहे थे, जिससे प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे थे।
🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया
इन शिकायतों के बाद, भाजपा ने आयोग में कई शिकायतें दर्ज कराईं। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी हाल ही में आयोग से मुलाकात की और कई गंभीर अनियमितताओं की सूचना दी।
📌 आयोग का अंतिम निर्देश
- बार-बार चेतावनी के बावजूद कई बीएलओ नियमों का पालन नहीं कर रहे
- आयोग ने कहा:
– घर-घर जाकर फॉर्म न बांटना नियमों का उल्लंघन है
– ऐसे सभी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी
– ज़िम्मेदारी तय करते हुए सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए
गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी ने पहले ही चेतावनी दी थी, “निष्पक्षता से काम न करने वाले बीएलओ का हश्र बिहार के 52 बीएलओ जैसा ही होगा। अभी भी समय है, सुधर जाओ।”
हालांकि, चेतावनियों के बावजूद, ज़िलों से शिकायतें आती रहीं। आखिरकार, आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को ज़िम्मेदारी तय करते हुए निर्देश जारी किए।
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