कोलकाता, 18 दिसंबर 2025। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले Special Intensive Revision (SIR) के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। चुनाव आयोग के मुताबिक, इस प्रक्रिया में अब तक 58 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हटाए गए नामों में डुप्लीकेट एंट्री, मृत व्यक्तियों के नाम और ऐसे मतदाता शामिल हैं जो लंबे समय से राज्य से बाहर रह रहे हैं। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
ड्राफ्ट सूची जारी होते ही राज्यभर में सुनवाई और नोटिस की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित मतदाताओं को ERO कार्यालयों के माध्यम से सूचना दी जा रही है और BLO स्तर पर सत्यापन तेज कर दिया गया है।

विपक्ष का आरोप
विपक्षी दलों ने बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने पर आपत्ति जताई है। TMC, CPM और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से चुनावी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है और कई वास्तविक मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं। विपक्ष ने चुनाव आयोग से पूरी प्रक्रिया की पुनः समीक्षा की मांग की है।
चुनाव आयोग का जवाब
चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ड्राफ्ट सूची अंतिम नहीं है। आयोग के अनुसार, हर मतदाता को अपना नाम जोड़ने या सुधार कराने का पूरा अवसर दिया जाएगा और किसी भी योग्य मतदाता को वंचित नहीं किया जाएगा।
नाम कट गया है तो क्या करें?
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि—
- मतदाता दावा और आपत्ति (Claim & Objection) दर्ज करा सकते हैं
- आवश्यक दस्तावेजों के साथ ERO कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है
- सत्यापन के बाद नाम फाइनल वोटर लिस्ट में दोबारा जोड़ा जा सकता है
आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ड्राफ्ट सूची की जांच करें और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तय समयसीमा के भीतर आवेदन जरूर करें।
ड्राफ्ट सूची पर मचे सियासी घमासान के बीच अब सभी की नजरें फाइनल मतदाता सूची पर टिकी हैं, जो सुनवाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी की जाएगी।
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