तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। राज्य में 23 जनवरी को सरस्वती पूजा, नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जन्म जयंती और शादियों के शुभ लग्न एक साथ पड़ने से फूलों की मांग अचानक बढ़ गई है। इसका सीधा असर फूल बाजारों पर पड़ा है और आज लगभग पूरे बंगाल में फूलों की कीमतें काफी ऊँची दर्ज की गई।
पूर्व मेदिनीपुर जिले के देवुलिया, कोलाघाट सहित छोटे-बड़े सभी फूल बाजारों में आज लाल गेंदा फूल 70 रुपये प्रति किलो, पीला गेंदा 80 रुपये और चीना गेंदा 70 रुपये प्रति किलो की दर से बिका।
तीन फुट लंबाई वाली 20 पीस लाल गेंदा की माला 400 रुपये, पीली गेंदा की माला 500 रुपये और चीना गेंदा की माला 400 रुपये में बिका। अन्य फूलों की कीमतों में भी तेजी देखी गई।

सफेद चेरी फूल 250 रुपये प्रति किलो के भाव से बिका, जबकि एक गोड़ा चेरी फूल की माला 150 रुपये में बिक्री हुई। गुलाब का फूल 3 रुपये प्रति पीस, रजनीगंधा 300 रुपये प्रति किलो, दोपाटी 200 रुपये।
अपराजिता 500 रुपये प्रति किलो की दर से बिका। सबसे अधिक कीमत कमल के फूल की रही, जिसकी कीमत प्रति पीस 40 से 50 रुपये तक पहुंच गई।
आल बंगाल फूल उत्पादक एवं फूल व्यवसायी समिति के महासचिव नारायण चंद्र नायक ने बताया कि इस बार मौसम अनुकूल रहने के कारण फूलों की पैदावार अच्छी हुई है।
लेकिन सरस्वती पूजा, 23 जनवरी को नेताजी की जयंती, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस और 23–24 जनवरी को शादियों के शुभ लग्न एक साथ पड़ने से फूलों की मांग काफी बढ़ गई, जिसके चलते कीमतें ऊँची बनी रहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य रूप से सरस्वती पूजा के समय जितनी कीमतों में बढ़ोतरी होती है, उसकी तुलना में इस वर्ष दाम बहुत ज्यादा नहीं बढ़े हैं, फिर भी मांग अधिक होने के कारण बाजार में तेजी बनी हुई है।
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