दार्जिलिंग ब्यूरो | 24 सितम्बर 2026: पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रातभर हुई बारिश के बाद सिक्किम के कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। सबसे बड़ी परेशानी सिलीगुड़ी-सिक्किम संपर्क की लाइफलाइन माने जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-10 (NH-10) पर देखने को मिली है।
20 माइल इलाके में भारी भूस्खलन के कारण सड़क पर मलबा और कीचड़ जमा हो गया है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। गुरुवार सुबह से ही पहाड़ की ढलानों से लगातार मिट्टी और बड़े-बड़े पत्थर नीचे गिर रहे हैं।
हालात को देखते हुए 20 माइल का इलाका बेहद खतरनाक हो गया है। सड़क पर मलबा जमा होने के कारण आम यात्रियों के साथ-साथ सिक्किम जाने वाले पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सिक्किम प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को भूस्खलन प्रभावित इलाकों से दूर रहने और अनावश्यक जोखिम नहीं लेने की सलाह दी है।
NH-10 के 20 माइल इलाके में भूस्खलन
भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-10 के 20 माइल इलाके में पहाड़ का एक हिस्सा खिसक गया। इसके बाद सड़क पर बड़ी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा आ गया। गुरुवार सुबह भी पहाड़ी ढलानों से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी रहा।
NH-10 सिलीगुड़ी और सिक्किम के बीच सड़क संपर्क का महत्वपूर्ण मार्ग है। इसलिए इस मार्ग पर भूस्खलन होने से सिक्किम जाने और वहां से लौटने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
विशेष रूप से पूजा के मौसम में सिक्किम और उत्तर बंगाल में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क की स्थिति को लेकर यात्रियों की चिंता और बढ़ गई है।
सिंगताम-रंगपो रूट पर भी परेशानी
भूस्खलन का असर केवल 20 माइल तक सीमित नहीं है। सिंगताम-रंगपो मार्ग पर भी भूस्खलन की सूचना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ की ढलानें अस्थिर बनी हुई हैं और कई जगहों पर मिट्टी तथा पत्थर सड़क पर गिर रहे हैं।
ऐसे में पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन की ओर से यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।
रिम्बी-युकसाम रोड भी बंद
सिक्किम प्रशासन के मुताबिक, लगातार भारी बारिश के कारण पश्चिम सिक्किम में रिम्बी-युकसाम रोड पर भी भूस्खलन हुआ है। पहाड़ से लगातार मिट्टी और पत्थर गिरने के कारण गुरुवार सुबह इस मार्ग को बंद करना पड़ा।
रिम्बी के रास्ते खेचुपेरी से ग्यालशिंग की ओर जाने वाली सड़क पर भी मलबा गिरने के कारण यातायात बाधित हुआ है।
बारिश रुकने के बजाय जारी रहने और पहाड़ी ढलानों के अस्थिर बने रहने से प्रशासन के सामने सड़क संपर्क बहाल करने की चुनौती भी बढ़ गई है।
बारदांग रोड भी पानी और कीचड़ में डूबी
भारी बारिश का असर बारदांग रोड पर भी देखने को मिला। सड़क के कई हिस्सों में पानी और कीचड़ भर गया है। इसके चलते सड़क पर आवाजाही मुश्किल हो गई है।
पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण नए स्थानों पर भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में एक मार्ग खुलने के बाद दूसरे मार्ग पर परेशानी सामने आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
तिस्ता का जलस्तर भी बढ़ा
सिक्किम में लगातार बारिश के कारण तिस्ता नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। नदी के जलस्तर में वृद्धि ने निचले इलाकों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
पहाड़ों में लगातार बारिश होने पर इसका असर नीचे के मैदानी क्षेत्रों में भी देखने को मिल सकता है। इसी वजह से उत्तर बंगाल के नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
पर्यटकों के लिए प्रशासन की सलाह
सिक्किम में पूजा से पहले पर्यटन सीजन भी जोर पकड़ रहा है। बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। लेकिन वर्तमान मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भूस्खलन प्रभावित इलाकों से बचने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर अचानक पत्थर गिरने और भूस्खलन का खतरा बना रहता है। इसलिए यात्रियों को बिना जरूरी जानकारी के जोखिम वाले रास्तों पर जाने से बचना चाहिए।
नेपाल में भी भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
सिक्किम और उत्तर बंगाल के साथ पड़ोसी नेपाल में भी मौसम को लेकर चिंता बढ़ गई है। नेपाल में शुक्रवार तक भारी से अति भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया गया है।
खास तौर पर गंडकी और लुंबिनी प्रांत में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा नेपाल के कई अन्य हिस्सों में भी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बताया गया है।
नेपाल के मौसम विभाग ने लोगों को रात के समय गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण मिट्टी और पत्थरों के अचानक नीचे आने का खतरा बना हुआ है।
भूटान में भी भारी बारिश
भूटान में भी भारी बारिश शुरू हो गई है। बारिश को देखते हुए भूटान नेशनल सेंटर फॉर हाइड्रोलॉजी एंड मेटियोरोलॉजी की ओर से अचानक बाढ़ और भूस्खलन को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
भारी बारिश के कारण भूटान की कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका है। इनमें तोर्सा, रायडाक और संकोश जैसी नदियां शामिल हैं।
नदियों के जलस्तर में संभावित वृद्धि का असर उत्तर बंगाल के मैदानी इलाकों पर भी पड़ सकता है।
पूजा के पहले डुआर्स में बढ़ी चिंता
भूटान में लगातार बारिश और उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के बीच डुआर्स के कई इलाकों में भी बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
विशेष रूप से बानारहाट, जयगांव और आसपास के विस्तृत इलाकों को लेकर चिंता है। पहाड़ों से पानी नीचे आने और नदियों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में निचले इलाकों में अचानक पानी भरने की समस्या पैदा हो सकती है।
पूजा के ठीक पहले उत्तर बंगाल के पर्यटन और यातायात पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है। सिक्किम और डुआर्स की ओर जाने वाले यात्रियों को मौसम की स्थिति और प्रशासन की सलाह पर नजर रखने की जरूरत होगी।
पहाड़ से मैदान तक मौसम पर नजर
फिलहाल सिक्किम में भूस्खलन, नेपाल में भारी बारिश का अलर्ट और भूटान में अचानक बाढ़ की चेतावनी ने पूरे उत्तर बंगाल के लिए मौसम को संवेदनशील बना दिया है।
सिक्किम के कई प्रमुख मार्गों पर मलबा गिरने और सड़कें बाधित होने से जहां यातायात प्रभावित हुआ है, वहीं तिस्ता सहित अन्य नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। पूजा के मौसम में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन के लिए सड़क और नदी—दोनों मोर्चों पर सतर्कता महत्वपूर्ण हो गई है।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।


