कोलकाता। पश्चिम बंगाल में ओबीसी वर्ग को लेकर किए जा रहे सर्वेक्षण पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस सर्वे को गैर-संवैधानिक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार केवल मुस्लिम समुदाय पर केंद्रित सर्वे कर रही है, जो न्यायोचित नहीं है।
शुभेंदु ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “ओबीसी सूची में अवैध रूप से कई समुदायों को शामिल किया गया था, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्टे नहीं लगाया, बल्कि तीन महीने के भीतर दोबारा सर्वे का आदेश दिया, लेकिन राज्य सरकार सभी समुदायों का सर्वे न कर केवल मुस्लिम समुदाय पर ध्यान दे रही है।
इसके खिलाफ बंगाल भाजपा का ओबीसी मोर्चा आवाज उठाएगा और रामनवमी के बाद सड़कों पर उतरेगा। साथ ही, अगले सोमवार या मंगलवार को हाईकोर्ट भी जाएगा।”
रामनवमी के आयोजनों को लेकर प्रशासन की सख्ती पर भी शुभेंदु ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जुलूस निकालने के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
अधिकारी ने कहा, “जहां पुलिस रोकेगी, वहीं रामनवमी मनाई जाएगी। भगवान राम की पूजा हर जगह होगी – घर में, सड़क पर, नदी किनारे, पर्वत पर। हम हिंदी समाज के साथ ध्वज लेकर और ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हुए निकलेंगे, जो हिंदू हित में काम करेगा, वही बंगाल में राज करेगा।”
इससे पहले सोमवार को शुभेंदु अधिकारी हावड़ा के बेलगछिया इलाके में भूस्खलन प्रभावित लोगों से मिलने गए थे। इस दौरान पुलिस ने सुवेंदु अधिकारी को रास्ते में रोकने की कोशिश की, जहां दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और झड़प में भाजपा नेता का बायां हाथ चोटिल हो गया।
शुभेंदु ने अधिकारियों पर उनके साथ हाथापाई करने और चोट पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “मैं प्रभावित परिवारों से मिलने गया था, लेकिन पुलिस ने मेरा रास्ता रोकने की कोशिश की और मेरे साथ झड़प की।”
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