Subhendu adhikari

शुभेंदु अधिकारी बोले – “बंगाल में भी हो मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण”

कोलकाता | 3 सितंबर 2025 : पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बिहार और अन्य राज्यों में निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची की समीक्षा शुरू की है, उसी तरह बंगाल में भी यह प्रक्रिया लागू होनी चाहिए ताकि अवैध प्रवासियों और फर्जी मतदाताओं की पहचान की जा सके।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा:

“बंगाल की मतदाता सूची में लाखों घुसपैठिए शामिल हैं। अगर बिहार में SIR हो सकता है, तो बंगाल में क्यों नहीं? यह लोकतंत्र की रक्षा का सवाल है।”

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने बिहार में इस कवायद के तहत अयोग्य नामों को हटाने और सभी योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के उद्देश्य से एसआईआर शुरू किया है, ताकि विधानसभा चुनावों में सभी पात्र नागरिक मतदान कर सकें।

📌 प्रमुख बिंदु:

  • भाजपा का दावा है कि बंगाल की मतदाता सूची में 1.25 करोड़ अवैध प्रवासी शामिल हैं
  • अधिकारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को निवास प्रमाण पत्र देकर उन्हें मतदाता बना रही है
  • उन्होंने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि वह बंगाल में भी SIR प्रक्रिया लागू करे, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके
अधिकारी ने कहा, यह एक अच्छा कदम है और इससे पारदर्शिता आएगी। जिन अवैध प्रवासियों ने देश की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है, उन्हें चिन्हित किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, जिन लोगों ने फर्जी आधार कार्ड और पहचान पत्रों के जरिये खुद का नाम मतदाता सूची में शामिल कराये हैं, उनके नामों को सूची से हटाया जाना चाहिए।

🏛️ राजनीतिक प्रतिक्रिया:

  • तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को राजनीतिक स्टंट बताया और कहा कि यह धार्मिक ध्रुवीकरण की कोशिश है
  • मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा चुनाव आयोग को अपने हितों के लिए इस्तेमाल करना चाहती है
  • विपक्ष ने चेतावनी दी: “नो SIR, नो इलेक्शन” — अगर पुनरीक्षण नहीं हुआ तो भाजपा राज्यव्यापी आंदोलन करेगी
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शुभेंदु अधिकारी पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों ने बंगाल में खुद को मतदाता सूची में दर्ज करा लिया है और उन्होंने इनकी पहचान कर नाम हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था, बंगाल में भी विशेष गहन पुनरीक्षण होना चाहिए।

रोहिंग्या जैसे लोग, जिन्होंने फर्जी आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र के जरिए खुद को पंजीकृत करा लिया है, उन्हें भी पहचाना जाना चाहिए।  

अधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि भारत के मतदाता सूची में केवल भारतीय नागरिकों के ही नाम होने चाहिए। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।

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