कोलकाता, 2 मार्च 2026: पश्चिम बंगाल में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने से राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। इसमें 60 लाख से ज्यादा नाम कटने के बाद अब कांग्रेस भी आक्रामक हो गई है।
कांग्रेस का सख्त रुख – चुनाव रुकवाएंगे
पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा: “अगर वैध मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में नहीं होगा, तो हम लोग चुनाव नहीं होने देंगे। यह तरीका नहीं हो सकता। लोकतंत्र में असली वोटरों को वोट देने की इजाजत होनी चाहिए। उसके बाद चुनाव होगा, जो जीतेगा सो हारेगा।”
आयोग पर साजिश का आरोप
शुभंकर सरकार ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा: “मुझे लगता है कि चुनाव आयोग एक साजिश के तहत एक राजनीतिक दल (BJP) को सत्ता में लाने की कोशिश कर रहा है। हम उसके खिलाफ हैं।”

उन्होंने आगे कहा: “अगर वोटर लिस्ट से वैध मतदाता को हटाया जाएगा तो कांग्रेस पार्टी सड़क पर उतरेगी। पार्टी गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाएगी और इसके खिलाफ आंदोलन करेगी। हमने चुनाव आयोग से साफ कहा है कि सभी लोग ऐसी मतदाता सूची चाहते हैं जिसमें कोई भी गलती नहीं हो। इसके लिए चुनाव आयोग को जितना समय चाहिए, उतना समय लेना चाहिए था।”
BJP और TMC पर एक साथ हमला
कांग्रेस अध्यक्ष ने दोनों बड़ी पार्टियों पर तीखा हमला बोला: “भाजपा और टीएमसी दोनों वोट की चोरी करते हैं। अंतर बस इतना है कि एक गुंडे-बदमाशों के दम पर वोट चोरी करता है, जबकि दूसरा चुनाव आयोग के सहारे करता है। ऐसे में अगर एक दिन में वोट पड़ेगा, तो उन्हें मुश्किल होगी।”
एसआईआर विवाद का बैकग्राउंड
एसआईआर के तहत 2002 के बाद आए मतदाताओं से दस्तावेज मांगे गए थे। जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं थे, उनके नाम कट गए। मतुआ, मुस्लिम और अन्य समुदायों के लाखों नाम हटने से राजनीतिक दलों में हड़कंप मच गया है।
टीएमसी पहले से ही एसआईआर का विरोध कर रही है, और अब कांग्रेस भी सड़क पर उतरने की तैयारी में है।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



