कोलकाता न्यूज डेस्क | 4 अप्रैल 2026: केरल और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कांग्रेस के दो प्रमुख नेताओं के काफिले और जनसंपर्क पर हमले हुए।
दोनों मामलों में नेता सुरक्षित रहे, लेकिन सुरक्षा बलों और कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। इन घटनाओं ने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
केरल की घटना
केरल के मलप्पुरम जिले के वंडूर (चेल्लिथोड पुल) के पास कांग्रेस सांसद और यूडीएफ उम्मीदवार शशि थरूर यूडीएफ प्रत्याशी ए.पी. अनिल कुमार के समर्थन में प्रचार कर रहे थे।
दो वाहनों में सवार 5-8 लोगों ने उनके काफिले को बीच सड़क पर रोक लिया। जब गनमैन और ड्राइवर ने रास्ता साफ करने की कोशिश की तो हमलावरों ने उन पर हाथापाई शुरू कर दी। गनमैन को चोटें आईं, जबकि शशि थरूर खुद सुरक्षित रहे।
वंडूर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एक आरोपी (उमर) को गिरफ्तार कर लिया गया है, बाकी की तलाश जारी है।
पुलिस का प्रारंभिक बयान है कि सड़क संकरी थी और जाम की स्थिति में सिर्फ आगे बढ़ने का अनुरोध किया गया था, लेकिन यह स्पष्टीकरण कई लोगों को संतोषजनक नहीं लगा।
बंगाल की घटना
शनिवार सुबह मुर्शिदाबाद के बहरामपुर वार्ड नंबर 19 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी जनसंपर्क कर रहे थे। इसी दौरान टीएमसी कार्यकर्ता झंडे लेकर पहुंचे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घेर लिया। इससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
कांग्रेस ने टीएमसी पर हमले का आरोप लगाया, जबकि टीएमसी ने इसे कांग्रेस की भड़काऊ हरकत बताया। सुरक्षा बलों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली। अधीर रंजन बाद में प्रचार जारी रखने में सफल रहे।
दोनों घटनाओं पर राजनीतिक प्रतिक्रिया
- कांग्रेस ने दोनों राज्यों में अपनी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
- केरल में यूडीएफ और बंगाल में कांग्रेस ने राज्य सरकारों पर निष्पक्ष चुनाव कराने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
- TMC ने बहरामपुर घटना को “कांग्रेस की साजिश” बताया है।
चुनाव आयोग की नजर
चुनाव आयोग इन दोनों घटनाओं पर नजर रखे हुए है। सूत्रों के अनुसार, आयोग ने दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने साफ संकेत दिया है कि चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी नेता या कार्यकर्ता की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
चुनावी माहौल
केरल और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों में चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। इन घटनाओं से साफ है कि चुनावी सरगर्मी के साथ-साथ तनाव भी बढ़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब सभी प्रमुख नेताओं के काफिलों पर अतिरिक्त नजर रख रही हैं।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



