कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुतैना सुंदरवन तटीय दक्षिण 24 परगना के जिला बरुईपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक विजय राय अपनी टीम के साथ कोतवाली पहुंचे। उन्होंने स्थानीय पुलिस के सहयोग से मोहल्ला दरबार कलां में दबिश देकर आरोपी जमाल को हिरासत में ले लिया। बताया कि बीती 14 मई को पश्चिम बंगाल से एक किशोरी का अपहरण किया गया था। उससे फेसबुक पर दोस्ती के बाद वारदात की। किशोरी के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

आरोपी के मोबाइल की लोकेशन कैराना में मिल रही थी। इस पर पुलिस ने आरोपी जमाल दबोच लिया। किशोरी को बरामद करने के लिए उसे पानीपत ले गई। वहां  आरोपी पुलिस को अलग-अलग कॉलोनियों में घुमाता रहा। पुलिस ने देर रात कैराना के बाहरी इलाके से एक किराए के मकान से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। कोतवाली प्रभारी अनिल कपरवान ने बताया कि पश्चिम बंगाल की पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। वहां से ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को लेकर पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गई।

सोशल मीडिया पर कुछ युवक झूठी पहचान पेशकर युवतियों को जाल में फंसाते हैं। ये खुद को अमीर दर्शाते हैं। हकीकत में इनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब होती है। ये अपराधी प्रवृत्ति के भी होते हैं। बाद में युवतियों जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं। अपहृत किशोरी एवं आरोपी की फेसबुक पर पूर्व में हुई चेटिंग से आरोपी की लोकेशन कैराना में मिली। इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग से सहायता मांगी।

आयोग अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो के निर्देश पर एसएसपी शामली को पत्र लिखा था। वहीं, पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ मिशन मुक्ति फाउंडेशन नई दिल्ली के डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह व एंटी ह्यूमैन ट्रैफिकिंग यूनिट की प्रभारी आरती चंद्रा भी कैराना पहुंचीं। स्थानीय पुलिस की सहायता से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। बंगाल पुलिस के अनुसार किशोरी ने आरोपी जमाल पर नमाज पढ़ना सिखाने का आरोप लगाया। आरोपी जमाल पानीपत फैक्टरी में पायदान बनाता था। किशोरी अपने घर से करीब 37 हजार रुपये लेकर लाई थी।

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