संस्कृत भाषा के महत्व और उपयोगिता पर हुआ विस्तृत विमर्श, विद्यार्थियों ने कविता, गीत व कहानी से माहौल मनमोहक बना दिया
तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत शालबनी प्रखंड के नान्दाड़िया शास्त्री स्मृति विद्यापीठ (उच्च माध्यमिक) में सोमवार को संस्कृत दिवस श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गतिविधियों के बीच मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। विद्यालय के प्रधान शिक्षक शुद्धदेव चट्टोपाध्याय सहित शिक्षकों ने श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण किया।
इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संस्कृत भाषा की उपयोगिता और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर हुआ विस्तृत परिचर्चा रही।
विद्यालय के संस्कृत विषय के शिक्षक नीलमणि मंडल ने लंबे समय तक संस्कृत भाषा में ही विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने संस्कृत की प्राचीनता, भारतीय ज्ञान परंपरा में उसके योगदान तथा विभिन्न विषयों के विकास में उसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान-विज्ञान की समृद्ध परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है। चिकित्सा विज्ञान सहित अनेक क्षेत्रों में प्राचीन भारतीय ज्ञान की छाप आज भी दिखाई देती है। उन्होंने आयुर्वेद का उदाहरण देते हुए बताया कि प्राचीन चिकित्सा पद्धति के अनेक ज्ञान-सूत्रों का प्रभाव आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में भी देखा जा सकता है।
श्री मंडल ने संस्कृत अध्ययन के व्यक्तित्व निर्माण से जुड़े पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार संस्कृत का अध्ययन विद्यार्थियों में विनम्रता, संयम, शालीनता और संस्कार विकसित करने में सहायक हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के अध्ययन के प्रति रुचि विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कविता पाठ, संगीत प्रस्तुति और कहानी कथन सहित विभिन्न गतिविधियों में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे पूरा वातावरण जीवंत हो उठा।
संस्कृत दिवस समारोह में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और वर्तमान विद्यार्थियों के साथ बड़ी संख्या में पूर्व छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम को विद्यालय की शिक्षिका दीपान्विता घोष ने मोबाइल कैमरे से वीडियो के रूप में रिकॉर्ड किया।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार मंगलवार को रिकॉर्ड किए गए पूरे कार्यक्रम को प्रोजेक्टर के माध्यम से सभी छात्र-छात्राओं को दिखाया जाएगा, ताकि वे संस्कृत दिवस के आयोजन की विभिन्न गतिविधियों को पुनः देख सकें और कार्यक्रम से जुड़ी सीख को आत्मसात कर सकें।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।

