तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। जंगल महल अंतर्गत मेदिनीपुर की गोद में बसा कर्णगढ़, जहाँ इतिहास की गाथाएँ आज भी हवा में गूँजती हैं, पुनः अपनी चमक बिखेर रहा है। शालबनी की शांत वादियों में ऐसा प्रतीत होता है जैसे वीरांगना रानी शिरोमणि की आत्मा फिर से जाग उठी हो, जिनकी तलवार ने स्वतंत्रता के आकाश में नारी शक्ति की अमर ज्वाला प्रज्वलित की थी।
कर्णगढ़ का हर पत्थर, हर ईंट जैसे उस अदम्य साहस की गूँज लिए, नयी उमंगों की ओर बुला रहा है। शुक्रवार, 28 नवंबर की सुबह जैसे इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों से लिखा गया हो, उस दिन मेदिनीपुर विधानसभा के शालबनी ब्लॉक में नयी उम्मीदों का प्रकाश फैला।
सांसद निधि की उदार छाया में, रानी शिरोमणि के अतीत के अमर किले में विश्रामागार और डे एपारा स्वास्थ्य केंद्र (महिला एवं प्रसूति विभाग) का भव्य शिलान्यास हुआ। इस पावन विकास यज्ञ में सांसद जून मालिया, एडीएम (विकास), पूर्व विधायक प्रद्युत कुमार घोष, नेपाल सिंह, सौमेन खान, संदीप सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

लगभग 44,54,717 रुपये की सांसद निधि से कर्णगढ़ माँ महामाया मंदिर के निकट विश्रामागार की नींव पड़ी, मानो इतिहास की बुनियाद फिर से मजबूत हो रही हो। साथ ही, सुस्वास्थ्य केंद्र की नई इमारत ने जीवन रक्षा की अमृत धारा का संकल्प लिया।
जानकारों ने कहा कि यह क्षण न केवल निर्माण का आरंभ, अपितु अतीत-वर्तमान के संनाद से भविष्य की उज्ज्वल किरणें बिखेरने वाला महायज्ञ है।
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