नयी दिल्ली। नौसेना के देश में ही बनाए गए विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत के चौथे चरण के समुद्री परीक्षण पूरे हो गए हैं और इसे इस महीने के अंत में नौसेना को सौंपा जाएगा तथा अगले महीने इसे नौसेना के बेड़े में विधिवत रूप से शामिल कर लिया जाएगा। नौसेना के अनुसार आईएनएस विक्रांत के सभी परीक्षण पूरे हो गए हैं। विमान वाहक पोत में लगे हथियारों तथा अन्य प्रणालियों को भी कड़े परीक्षणों की कसौटी पर परखा गया है। इस विमान वाहक पोत को इस महीने के अंत तक नौसेना को सौंपने का लक्ष्य रखा गया है तथा आजादी के अमृत महोत्सव के तहत अगले महीने नौसेना के बेड़े में विधिवत रूप से शामिल कर लिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस विमान वाहक पोत को देश को समर्पित किया जाएगा।आईएनएस विक्रांत को नौसेना और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने मिलकर डिजाइन तथा विकसित किया है और इसे रक्षा क्षेत्र में देश के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है । इस विमान वाहक पोत में इस्तेमाल की गई 76 प्रतिशत सामग्री स्वदेशी है।

इससे भारत की विमान वाहक पोत के डिजाइन तथा इसे बनाने की क्षमता साबित हुई है और इसके साथ जुड़े उद्योगों में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। आईएनएस विक्रांत का पहला समुद्री परीक्षण गत वर्ष अगस्त में सफलतापूर्वक पूरा हुआ था। इसके बाद गत वर्ष अक्टूबर में दूसरे चरण का तथा इस वर्ष जनवरी में तीसरे चरण के परीक्षण किए गए।

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