श्री अरविंद शिशु उद्यान में मिली सुरक्षित शरण
तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत मेदिनीपुर शहर ने हाल ही में एक ऐसा उदाहरण देखा जिसने पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति जागरूकता का एक सुंदर संदेश दिया।
पश्चिम बंग विज्ञान मंच के जिला परिषद सदस्य और शहर के प्रसिद्ध विज्ञान कर्मी अभिजीत दास गोस्वामी ने दो दुर्लभ प्रजाति के कछुओं को बचाकर जीव-जंतुओं की रक्षा के प्रति अपनी गहरी संवेदनशीलता का परिचय दिया।

घटना मेदिनीपुर बाल अस्पताल के पास की है, जहाँ एक दिन अभिजीत दास गोस्वामी को दो कछुए असुरक्षित और संभवतः घायल अवस्था में दिखाई दिए। उन्होंने तुरंत पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उन कछुओं को सुरक्षित स्थान पर ले गए।
उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इन्हें कहाँ छोड़ा जाए ताकि यह अपनी प्राकृतिक परिस्थिति में सुरक्षित रह सकें। उन्होंने इस विषय में मेदिनीपुर सदर की अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) मधुमिता मुखोपाध्याय से संपर्क किया और उचित दिशा-निर्देश मांगे।
मधुमिता मुखोपाध्याय ने जीव विविधता की रक्षा को ध्यान में रखते हुए सुझाव दिया कि कछुओं को मेदिनीपुर स्थित श्री अरविंद शिशु उद्यान एवं चिड़ियाघर के संरक्षण में सौंप दिया जाए, जहाँ उनकी देखभाल के लिए उपयुक्त वातावरण और विशेषज्ञता उपलब्ध है।
अभिजीत दास गोस्वामी ने तत्काल उस सलाह का पालन किया और दोनों कछुओं को उद्यान के अधिकारियों के हवाले कर दिया। चिड़ियाघर प्रबंधन ने इन दुर्लभ जीवों के स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की।
मधुमिता मुखोपाध्याय ने इस मानवीय कार्य के लिए अभिजीत दास गोस्वामी को बधाई दी और कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल पर्यावरणीय चेतना को बढ़ाते हैं बल्कि समाज को जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में प्रेरित भी करते हैं।
स्थानीय लोगों ने भी अभिजीत दास गोस्वामी के इस कदम की प्रशंसा की और कहा कि अगर हर नागरिक इसी तरह प्रकृति और पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील बने, तो पर्यावरण संरक्षण अपने आप मजबूत हो जाएगा।
यह घटना एक संदेश देती है कि छोटे से प्रयास भी बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं, बस आवश्यकता है जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना की।
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