तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा और पुनर्वास को नई दिशा देने की पहल के तहत मेदिनीपुर रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर चिल्ड्रेन (एमआरसीसी), पालबाड़ी कैंपस में शनिवार से तीन दिवसीय सीआरई प्रशिक्षण शिविर का आगाज हुआ।
पुनर्वास मंत्रालय (आरसीआई) से मान्यता प्राप्त इस कार्यशाला में पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र और राजस्थान से आए 50 विशेष शिक्षकों व प्रशिक्षुओं की सहभागिता देखने को मिल रही है।
4 से 6 अप्रैल तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में जगदीश चंद्र मंडल, अंशुमती नंद समेत 10 विशेषज्ञ प्रतिभागियों को विकलांगता एवं कौशल आधारित शिक्षा के विविध पहलुओं से रूबरू कराएंगे।
उद्घाटन सत्र में संस्था के संपादक नंददुलाल भट्टाचार्य, कोषाध्यक्ष अनादी कुमार जाना, सह-संपादक अमित कुमार साहू और प्रशांत महापात्र ने समावेशी शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम के समन्वयक अरूप घोड़ा के नेतृत्व में संजय कुंडू, संजय माईती व शास्वती दास हाजरा की सक्रिय उपस्थिति रही, जबकि संचालन सनातन हाजरा ने किया।
शिविर के समापन पर प्रतिभागियों को आरसीआई, दिल्ली द्वारा निर्धारित 18 अंकों का प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जो उनके पेशेवर सफर को नई मजबूती देगा।
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