उज्जैन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन में संचालित विद्या भारती के विद्यालय सरस्वती शिशु विद्या मंदिर का एकमात्र उद्देश्य समाज में ज्ञान चरित्र एवं संस्कारों के साथ अपने विद्यार्थियों को राष्ट्र के समग्र विकास में समस्त विधाओं में पारंगत करती है।
यह विचार सरस्वती उच्च माध्यमिक विद्यालय महिदपुर रोड में कक्षा दसवीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के दीक्षांत समारोह में समारोह के मुख्य वक्ता एवं संस्थापक सदस्य डॉ. प्रभु चौधरी ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सरस्वती के मंदिर राष्ट्र के मूल अवधारणा हिंदी, हिंदू एवं हिंदुस्तान पर आधारित है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं समिति अध्यक्ष राजेश कांठेड ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपना एक लक्ष्य अधिक से अधिक अंक प्राप्त करना है। विद्यार्थी को परिवार समाज एवं विद्यालय के नाम को प्रतिष्ठित करना है। हम समाज में किसी भी क्षेत्र में कार्य करें पूरी ईमानदारी कर्तव्य परायणता एवं सजगता के साथ पूर्ण करें तभी हमारा सरस्वती शिशु मंदिर में अध्ययन करना जीवन में सार्थक होगा।

समारोह के मुख्य अतिथि थाना प्रभारी आर.एस. भाभर ने अपने भाषण में कहा कि विद्यार्थी जीवन गुरु सर्वप्रथम माता, परिवार, समाज एवं देश के मार्गदर्शन में आगे बढ़ता है। इसीलिए हमारे समाज का वातावरण सुसंस्कृत संयमित एवं अनुशासन होगा तो निश्चित ही समस्त विद्यार्थी राष्ट्रभक्त एवं देश प्रेमी बन सकेंगे।
दीक्षांत समारोह का शुभारंभ अतिथियों ने त्रिदेव के पूजन एवं दीप प्रज्वलन कर किया। अतिथियों का अंग वस्त्र पहनाकर प्राचार्य रामेश्वर परमार, दिनेश बैरागी, आचार्य दीदी एवं विद्यार्थियों ने कुमकुम, तिलक, श्रीफल एवं पुष्प प्रदान करके स्वागत किया।
समिति कोषाध्यक्ष एवं विशिष्ट वक्ता पत्रकार दिनेश मंडोवरा ने कहा कि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर अपने नाम के अनुरूप पूरे देश में बच्चों को विद्या के साथ में व्यवहारिक ज्ञान भी सीखता है। अपने अनेक उदाहरण के माध्यम से विद्यालय की गति 30 वर्षों की उपलब्धियों एवं प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के अध्यक्ष व्यवस्थापक कैलाश चंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदान की। समारोह में पत्रकार नरेश शर्मा एवं गोपाल उपाध्याय सहित आचार्य आचार्य एवं कक्षा नवी से 12वीं तक के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
समारोह का संचालन खुशबू गुर्जर दीदी के नेतृत्व में कक्षा 11वीं की बहिनों ने किया। कक्षा दसवीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों ने स्मृति चिन्ह के रूप में विद्यालय को वाद्य यंत्र प्रदान किया। अतिथियों ने समस्त विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं कलम देकर आशीर्वाद दिया।
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