सरकार जगाओ सप्ताह द्वारा दक्षिण पूर्व रेलवे मजदूर संघ ने केंद्र और राज्य सरकारों पर साधा निशाना

खड़गपुर : देश के सबसे बड़े श्रमिक संगठन भारतीय मजदूर संघ व भारतीय रेल मजदूर संघ के आह्वान पर सम्पूर्ण देश में 24 जुलाई से 30 जुलाई तक सरकार जगाओ सप्ताह के मद्देनजर दक्षिण पूर्व रेलवे मजदूर संघ की ओपन लाइन इकाई ने खड़गपुर के मंडल कार्यालय के समक्ष प्रातः 10.30 बजे से 12.30 बजे तक केंद्र व विभिन्न राज्यसरकारों के मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ हल्ला बोल कार्यक्रम द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया।

विरोध प्रदर्शन में सोशल डिस्टेंसिग का पूर्णरूप से पालन किया गया। इस कार्यक्रम में जोनल अध्यक्ष, प्रहलाद सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष, मंडल समन्वयक टी. हरिहर राव, केंद्रीय कार्यकारी समिति के सदस्य पी. के. पात्रो, कारखाना सचिव पी. के. कुंडु, कारखाना सह-सचिव मनीष चंद्र झा, कारखाना सह-सचिव जयंत कुमार उपस्थित थे।

साथ ही साथ अन्य यूनियन पदाधिकारीगण यथा ओम प्रकाश यादव, बलबंत सिंह, रत्नाकर साहू, मनोज कुमार यादव, ललित प्रसाद शर्मा, पी. श्रीनू, कौशिक सरकार, के. के. ठाकुर, संजय कश्यप, आर राजू, आर एस रेड्डी, अमित दास गुप्ता,कृष्णा राव, दिनेश दुबे, एस. के. मोहन्ती, एस. के. मलिक व अन्य मौजूद रहे।

सचिव/बी सी एन शेड ललित कुमार ने अपने संबोधन में बी सी एन शेड के कर्मचारियों को लॉकडाउन के दौरान की वेतन कटौती का मुद्दा उठाया और प्रशासन से इस पर गौर कर, इसे जल्द से जल्द भुगतान करने को कहा। कारखाना सह-सचिव मनीष चंद्र झा ने अपने संबोधन में सरकार से एन पी एस को समाप्त कर पुरानी पेंशन को बहाल करने का मुद्दा उठाया ताकि एन पी एस से जुड़े रेलकर्मचारियों की समाजिक सुरक्षा प्राप्त हो।

कौशिक सरकार ने अपने संबोधन में केंद सरकार के निजीकरण और निगमीकरण का पुरजोर विरोध किया व प्रवासी मजदूर की चिंताओं से अवगत कराया। कारखाना सचिव पी. के. कुंडु ने अपने संबोधन में दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में लगभग 3500 हजार अधिक पदों के सेरेँडर पर चिंता जताई। पी. के. पात्रो ने अपने संबोधन में कंटेनमेंट जोन में स्थित कर्मचारियों पर कोई ठोस निर्णय न लेने पर चिंता जताई।

जोनल अध्यक्ष प्रहलाद सिंह ने अपने संबोधन में केंद्र व विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा किए गए मजदूर विरोधी गतिविधियों का उल्लेख करते हुए, इस पर चिंता जताते हुए इसका विरोध किया। रेलवे के मान्यता प्राप्त फेडेरेशनों के अकर्मण्यता व भ्रष्टाचार को उजागर किया। साथ ही केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार कुंभकरणी नींद से नहीं जागी तो इसके दुष्परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। अंत में प्रहलाद सिंह ने सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिये धन्यवाद दिया।

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