तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत खड़गपुर तहसील के सबंग स्थित सजनीकांत महाविद्यालय के विद्यासागर सभागार में संस्कृत विभाग के पांचवें पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व छात्र, शिक्षक और वर्तमान छात्र उपस्थित थे। सम्मेलन का उद्घाटन सुबह 11 बजे मौन रखकर किया गया।
इस अवसर पर संस्कृत विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. भवशंकर मुखर्जी के सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में उन्हें सम्मानित किया गया। उन्हें शॉल, मानपत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
इस अवसर पर “आचार्य-स्मृति सुधा” नामक एक स्मारिका का विमोचन किया गया, जिसमें संस्कृत, बांग्ला, हिंदी, अंग्रेजी और ओडिया में रचित लेख शामिल हैं। समारोह में पूर्व छात्रों ने अपने विचार व्यक्त किए और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने डॉ. भवशंकर मुखर्जी के प्रति अपनी कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त किया।
सम्मेलन का आयोजन संस्कृत विभाग द्वारा किया गया था। इस अवसर पर डॉ. महेश चंद्र दत्ता, डॉ. गगन चंद्र दे और डॉ. लक्ष्मीकांत षाड़ंगी सहित कई अन्य शिक्षक और छात्र उपस्थित थे।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल पूर्व छात्रों और शिक्षकों के बीच सौहार्द और स्मृति साझा करने का एक मंच था, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी था। संस्कृत विभाग की परंपरा, स्नेहमय संबंध और एकता का संदेश इस सम्मेलन में अमिट हो गया।
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