कोलकाता हिन्दी न्यूज | 16 सितम्बर 2026: आरजी कर अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना को दो साल से अधिक समय बीत चुका है। मामले में दोषी संजय राय को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, लेकिन पीड़िता के परिवार का कहना है कि उन्हें अभी तक पूर्ण न्याय नहीं मिला है।
अभया की मां और पानीहाटी की विधायक रत्ना देवनाथ ने हाल में दाखिल चार्जशीट और जांच की प्रगति पर असंतोष जताया है।
उन्होंने कहा कि सीबीआई की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में कोई नई और संतोषजनक जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित नई जांच समिति से उन्हें अभी भी उम्मीद है।
‘दो साल से यही चार्जशीट देख रही हूं’
अभया की मां ने जांच को लेकर कहा, “इस चार्जशीट में कुछ भी नहीं है। मैं दो साल से यही देख रही हूं।”
उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच के लिए गठित संस्थाओं और समितियों से अब भी अपेक्षा है कि वे परिवार के उठाए गए सवालों का जवाब तलाशें। उनके अनुसार, घटना की पूरी सच्चाई सामने आना और जिम्मेदार लोगों की पहचान होना जरूरी है।
9 अगस्त 2024 को सामने आया था आरजी कर कांड
9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद पूरे पश्चिम बंगाल में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे।
घटना के 24 घंटे के भीतर कोलकाता पुलिस ने सिविक वालंटियर संजय राय को गिरफ्तार किया था। हालांकि, पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया था कि घटना के पीछे अन्य लोग भी हो सकते हैं और मामले में किसी बड़े षड्यंत्र की आशंका है।
परिवार का कहना था कि जिस तरह की घटना हुई, वह केवल एक व्यक्ति द्वारा की गई कार्रवाई नहीं हो सकती। बाद में अदालत के निर्देश पर जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
CBI जांच के बावजूद परिवार के सवाल बरकरार
सीबीआई को जांच सौंपे जाने के बाद भी पीड़िता के परिवार का कहना है कि मामले में कोई नई गिरफ्तारी या निर्णायक जानकारी सामने नहीं आई। परिवार लगातार इस बात की मांग करता रहा है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जाए और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जाए।
इसी बीच, मामले के मुख्य दोषी संजय राय को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। लेकिन परिवार का कहना है कि केवल इस सजा से उनकी सभी शंकाओं का समाधान नहीं हुआ है।
राजनीति में क्यों आईं अभया की मां?
मामले में न्याय की मांग को लेकर अभया की मां ने इस वर्ष की शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि राजनीति में आने का उद्देश्य अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाना है।
उनके राजनीतिक कदम को लेकर भी काफी चर्चा और विवाद हुआ था। वर्तमान में वह पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र की विधायक हैं।
सियालदह कोर्ट में CBI ने जमा की 13वीं स्टेटस रिपोर्ट
मंगलवार को सियालदह अदालत में आरजी कर मामले की जांच से संबंधित सीबीआई ने 13वीं स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। केंद्रीय जांच एजेंसी के वकील ने अदालत को बताया कि जांचकर्ताओं ने विभिन्न दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक रिपोर्टों की जांच की है।
सीबीआई की विशेष जांच टीम उस श्मशान स्थल पर भी गई, जहां पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया था। माना जा रहा है कि वहां से प्राप्त जानकारी को भी स्टेटस रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
सीबीआई के वकील ने यह भी बताया कि पीड़िता के परिवार द्वारा उठाए गए सवालों और संदेहों के विभिन्न पहलुओं की जांच की गई है। कुछ बिंदुओं पर जांच अभी जारी है।
‘जज भी चार्जशीट से संतुष्ट नहीं’
सीबीआई की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अभया की मां ने कहा कि वह इस रिपोर्ट से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में कोई ठोस नई जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट में चार्जशीट या जांच रिपोर्ट दाखिल होने की प्रक्रिया को लेकर आम तौर पर न्यायाधीश तत्काल सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करते, लेकिन उनके अनुसार अदालत भी जांच की प्रगति से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।
हालांकि, इस संबंध में अदालत की ओर से कोई स्वतंत्र टिप्पणी या अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग की नई जांच समिति से उम्मीद
अभया की मां ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक नई जांच समिति गठित की गई है। उन्होंने कहा कि अब देखना होगा कि यह समिति किन पहलुओं की जांच करती है और उससे क्या परिणाम सामने आते हैं।
आरजी कर मामले में आगे की जांच, अदालत की कार्यवाही और नई समिति की रिपोर्ट पर पीड़िता के परिवार के साथ-साथ पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।
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