कोलकाता, (Kolkata) : पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में लगातार बारिश के कारण एक बड़े इलाके में बाढ़ की स्थिति बन गई है। पहले से ही गरबेटा-1 ब्लॉक की 11 ग्राम पंचायतें और गरबेटा-2 ब्लॉक की 3 ग्राम पंचायतें शिलावती नदी के पानी से घिरी हुई हैं।
अब चंद्रकोना सहित घाटल उपखंड के विभिन्न इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति है। जानकारी के अनुसार, हजारों की संख्या में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ केंद्रों में पर्याप्त भोजन की व्यवस्था की गई है।
तीन इलाकों से सौ से अधिक परिवारों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालांकि, पलासिया इलाके में पाथरबेरिया नदी घाट के पास एक घर के लोगों को अभी तक नहीं बचाया जा सका है। ब्लॉक के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारी उन्हें तेजी से बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
- बाढ़ के कारण पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त
इस बीच, स्थानीय और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, गरबेटा के दो (1 और 2) ब्लॉकों में कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हजारों मिट्टी के घरों के भी बर्बाद होने की आशंका है। शिलावती नदी के पानी ने गरबेतर मायता से बांकुरा होते हुए गोलटोर तक पक्की सड़क को तोड़ दिया है,
जिसके कारण संपर्क टूट गया है। इसके अलावा, यह आशंका है कि शिलावती नदी के किनारे की कई सौ बीघा जमीन पानी में डूब सकती है। शालबनी के औलारा इलाके में एक बांस का पुल टूट गया है।
- बाढ़ से कई इलाके जलमग्न
पश्चिम मिदनापुर जिले के चंद्रकोना के घोषकिरा गांव में शिलाबती नदी का बांध टूट गया है। घोषकिरा, सिरसा, धर्मपोटा, कल्ला, खुर्शी, धईखंडा गांवों में पानी भरने लगा है। इन गांवों और चंद्रकोना समेत आसपास के इलाकों से संपर्क टूट गया है।
घोषकिरा समेत ये सभी गांव एक तरफ शिलावती और दूसरी तरफ केथिया और काना नदियों से घिरे हैं। घाटाल उपमंडल प्रशासक सुमन बिस्वास ने कहा कि हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं और राहत के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
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