कोलकाता। कोरोना के दो साल बाद यह बंगाल का दुर्गा महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। राज्य के लोग भी इस पूजा का आनंद लेने के लिए तैयार है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि इस बार पूजा में बारिश ख़लल डाल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून के अंत में अतिरिक्त बारिश हो सकती है। मानसून आमतौर पर सितंबर के अंत तक विदा होना शुरू हो जाता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में परिस्थिति बदल गई है। मानसून के अंत में अत्यधिक वर्षा हुई है। यह प्रवृत्ति जारी रहने की संभावना है। दूसरी ओर, इस वर्ष मानसून ने सही समय पर बंगाल में प्रवेश किया, लेकिन कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल में भारी बारिश नहीं हुई है।

नतीजतन, बारिश की मात्रा में कमी है। मानसून आमतौर पर बंगाल से 10 अक्टूबर को खत्म होता है लेकिन इस बार बंगाल में अगस्त के अंत में भी भारी बारिश नहीं हुई। नतीजतन, अक्टूबर की शुरुआत में भी भारी बारिश की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। अब एक अक्टूबर से दुर्गा पूजा शुरू हो रही है। इस बीच अलीपुर मौसम विभाग का कहना है कि रविवार यानी आज तक दो दिनाजपुर के साथ दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी में भारी बारिश हो सकती है।

इस महीने की छह-सात तारीख को कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में लगातार बारिश होने की संभावना है। सितंबर के मध्य से पूरे बंगाल में भारी बारिश का अनुमान है। अनुमान है कि इस महीने के अंत में यानी पूजा की पूर्व संध्या पर बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनने की संभावना है। हालांकि, बंगाल पर इसके प्रभाव की सीमा के बारे में मौसम विभाग ने निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा है।

मौसम भवन के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल सितंबर में भी अतिरिक्त बारिश की संभावना है। बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार दुर्गा पूजा सितंबर के अंत में शुरू होता है। 30 सितंबर को पंचमी है। नतीजतन, पूजा की शुरुआत में बंगाल के लोगों को बारिश का डर सता रहा है। 2019 से लगातार तीन साल से सबसे भारी वर्षा सितंबर में हुई है। यही सिलसिला जारी रहा तो बंगाल की पूजा पर इसका प्रभाग पड़ सकता है।

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