आंदोलन में दम तोड़ने वाले किसानों के परिजन को नौकरी देगी पंजाब सरकार

चंडीगढ़ : कृषि कानून को लेकर विगत 50 दिनों से किसान सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन को खत्म करने को लेकर सरकार और किसानों के बीच कई दौर की बैठक हो चुकी हैं लेकर वे किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। इधर किसान गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली निकालने की तैयारी कर रहे हैं। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि किसान आंदोलन के दौरान जितने भी किसानों ने दम तोड़ा है, उन सभी के एक-एक परिजन को पंजाब सरकार नौकरी देगी। अमरिंदर सिंह ने कृषि कानूनों पर झूठ फैलाने के लिए शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और आम आदमी पार्टी (आप) की जमकर आलोचना की। इसके साथ ही सिंह ने कृषि कानूनों को वापस नहीं लिए जाने को लेकर केंद्र सरकार को भी घेरा।

पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, केंद्र सरकार आखिर कानूनों को रद्द करने में संकोच क्यों कर रही है? सिंह ने केंद्र की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें कानूनों को रद्द करना चाहिए और इसके बाद किसानों के साथ बैठना चाहिए और सभी हितधारकों को विश्वास में लेने के बाद नए कानूनों को लागू करना चाहिए। भारत के संविधान में पहले ही कई बार संशोधन किया जा चुका है, फिर सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेने के बारे में अडिग क्यों है।

बिना किसी चर्चा के संसद के माध्यम से कानूनों को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा देश इसके लिए कीमत चुका रहा है। गौरतलब है कि सरकार और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच गतिरोध बना हुआ है और अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। किसान आंदोलन जारी है और अब तक कई किसानों की मौत हो चुकी है। 11वें दौर की बातचीत के बाद भी सरकार और किसानों के बीच मसला नहीं सुलझ सका है। आंदोलन के बीच आए दिन हो रही किसानों की मौत को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है और इस बीच अब सिंह का यह बड़ा एलान सामने आया है।

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