खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत खड़गपुर के बुजुर्ग वामपंथी नेता अनिल दास उर्फ भीम दा पर हुए हमले और इस मामले में पुलिस की भूमिका के खिलाफ रविवार को प्रतिवाद जुलूस निकाला गया। शहर के मलिँचा रोड से निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष युवा व बुद्धिजीवी शामिल हुए।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि भीड़ भरे बाजार में बुजुर्ग वामपंथी नेता अनिल दास पर जिस तरह से महिलाओं ने हमला किया, वैसा शहर के इतिहास में कभी नहीं हुआ। इस हमले में अनिल दास की जान भी जा सकती थी।
निश्चित रूप से यह हमला कोई आकस्मिक घटना नहीं थी। इसके पीछे निहित स्वार्थी तत्वों का हाथ है। जिसका खुलासा आवश्यक है। लेकिन शासन के ढुलमुल रवैये के चलते आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। इस घटना ने शहर के शांतिप्रिय समाज को गंभीर चिंता में डाल दिया है।
सोचने वाली बात है कि व्यापक स्तर पर इतना विरोध होने के बावजूद भी यदि यह स्थिति है तो साधारण आदमी की क्या सुरक्षा। इससे तो बदमाशों के हौसले ही बढ़ेंगे। लेकिन हम नागरिक समाज के लोग सूरत बदलने के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे।
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