Bengal

बंगाल सरकार को झटका, राष्ट्रपति ने CM-Chancellor संशोधन बिल को मंजूरी नहीं दी

कोलकाता | 16 दिसंबर 2025 : पश्चिम बंगाल सरकार को एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक झटका देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राज्य सरकार के एक महत्वपूर्ण संशोधन बिल को मंजूरी देने से इंकार कर दिया है। यह बिल मुख्यमंत्री को राज्य-सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति (Chancellor) बनाए जाने से संबंधित था।

जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा विधानसभा से पारित किए गए कुछ विश्वविद्यालय संशोधन विधेयकों को राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा गया था।

इनमें सबसे अहम वह प्रस्ताव था, जिसमें अब तक राज्यपाल के पास रहने वाला कुलाधिपति का अधिकार मुख्यमंत्री को सौंपने की बात कही गई थी। राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृति न मिलने के बाद यह बिल अब प्रभावी नहीं हो पाएगा।

सूत्रों का कहना है कि इस निर्णय के बाद अब राज्य सरकार को पूरे मामले पर पुनर्विचार करना होगा। या तो संशोधित प्रस्ताव दोबारा केंद्र को भेजा जाएगा या फिर विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े मौजूदा ढांचे में ही आगे की प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला राज्य-केंद्र संबंधों और उच्च शिक्षा व्यवस्था दोनों पर असर डाल सकता है। विपक्षी दलों ने इस फैसले को संविधान और संस्थागत संतुलन की जीत बताया है, जबकि सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

फिलहाल, पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालयों में कुलाधिपति का पद राज्यपाल के पास ही बना रहेगा, और मुख्यमंत्री को यह अधिकार देने का प्रस्ताव अधर में लटक गया है।

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

thirteen + 7 =