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TMC का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज CEC ज्ञानेश कुमार से करेगा मुलाकात

कोलकाता, 31 दिसंबर 2025: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर तनाव चरम पर है। आज बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) का 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेगा।

यह बैठक SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, तकनीकी खामियों और लाखों मतदाताओं के नाम हटाने के मुद्दे पर केंद्रित रहेगी।

प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल?

TMC के इस शक्तिशाली डेलीगेशन में शामिल हैं:

  • मोहम्मद नदीमुल हक (राज्यसभा में पार्टी चीफ व्हिप)
  • डेरेक ओ’ब्रायन (राज्यसभा सांसद)
  • कल्याण बनर्जी (सांसद)
  • ममता ठाकुर (सांसद)
  • साकेत गोखले (प्रवक्ता)
  • रीताब्रत बनर्जी (प्रवक्ता)
  • प्रदीप मजूमदार (वरिष्ठ नेता)
  • चंद्रिमा भट्टाचार्य (राज्यसभा सांसद)
  • मानस भुनिया (वरिष्ठ नेता)
  • और एक अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी

TMC की प्रमुख मांगें

प्रतिनिधिमंडल निम्नलिखित मुद्दों को CEC के सामने रखेगा:

  • SIR प्रक्रिया को तत्काल स्थगित या रोकने की मांग
  • 58.2 लाख से ज्यादा नाम हटाने की प्रक्रिया पर सवाल – “तार्किक विसंगति” कैटेगरी के तहत नाम काटने के तरीके और कानूनी अथॉरिटी का खुलासा
  • ECI ऐप और सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामियां – डेटा अपलोडिंग, डुप्लिकेट एंट्री और गलत “अमान्य” चिह्नन
  • बीएलओ पर बढ़ते दबाव के कारण हुई आत्महत्याओं (बांकुरा में हरधन मंडल सहित) की स्वतंत्र जांच
  • 2002 की पुरानी मतदाता सूची में दर्ज वैध मतदाताओं को बिना सुनवाई के हटाने पर रोक
  • पर्यवेक्षकों और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं पर कार्रवाई

TMC का दावा

अभिषेक बनर्जी ने पहले ही एक्स पर पोस्ट कर कहा था: “SIR अब लोकतंत्र की हत्या का माध्यम बन गया है। लाखों वैध मतदाता हटाए जा रहे हैं। हम CEC से मिलकर सच्चाई सामने लाएंगे और प्रक्रिया को रोकवाएंगे।”

चुनाव आयोग का पक्ष

चुनाव आयोग ने SIR को “शुद्धिकरण” और “वास्तविक मतदाताओं की सुरक्षा” बताया है। आयोग का कहना है कि: प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुसार है। 16 दिसंबर को जारी ड्रॉफ्ट लिस्ट के बाद 16 दिसंबर से 15 जनवरी 2026 तक नाम जुड़वाने/हटवाने का समय दिया गया है। फाइनल मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी।

चुनाव से पहले बढ़ा सियासी टकराव

2026 विधानसभा चुनाव से पहले SIR को लेकर उठे इस विवाद ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है। एक ओर जहां चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमसम्मत बता रहा है, वहीं तृणमूल कांग्रेस इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम करार दे रही है।

  • भाजपा: सुकांत मजूमदार ने कहा, “TMC डर रही है क्योंकि SIR से फर्जी वोटर पकड़े जा रहे हैं। यह प्रक्रिया जरूरी है।”
  • TMC: इसे “TMC समर्थकों को निशाना बनाने की साजिश” बता रही है।

यह मुलाकात SIR प्रक्रिया के भविष्य और 2026 विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाली हो सकती है।

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