रीमा पांडेय की कविता : हमारी हिंदी

हमारी हिंदी

हिंदी तू हमारी है, सबसे तू प्यारी है
दिलों पर राज करे, कितनी तू न्यारी है।

संग साथ चले सबके, अपनी कहलाती है
भाषाओं की बगिया में, फूलों की क्यारी है।

हिंदी तू हँसती है, इस देश में बसती है
तुझ पर खुद को वारूँ, सुंदर सुखकारी है।

तू हिंद की बेटी है, बहुतों की रोटी है
तुझ पर ही टीकी अब तो आशाएँ सारी हैं।

तेरा भाल अलौकिक है, बिंदी से शोभित है
ना नजर लगे तुझको, तू सब पर भारी है।

रीमा पांडेय

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