तियानजिन, चीन | 1 सितंबर 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह हमला सिर्फ भारत की आत्मा पर नहीं, बल्कि मानवता में विश्वास रखने वाले हर देश के लिए खुली चुनौती है।
पहलगाम हमले का उल्लेख
- तारीख: 22 अप्रैल 2025
- हमला: आतंकियों द्वारा तीर्थयात्रियों पर हमला
- पीएम मोदी ने इसे “मानवता पर सीधा हमला” बताया
पीएम मोदी ने SCO मंच से स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सीमा पार आतंकवाद, आतंकी फंडिंग, और कट्टरता के प्रसार को वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में मोदी ने बिना नाम लिए आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों पर भी सवाल उठाए।
आतंकवाद पर भारत का रुख
- दोहरे मापदंडों की आलोचना
- आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों पर परोक्ष हमला
- आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता की अपील
“पहलगाम में हमने आतंकवाद का सबसे घिनौना रूप देखा। यह हमला मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी को और मजबूत करता है।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
उन्होंने SCO समूह से जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की अपील की और कहा कि भारत ने अलकायदा और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ संयुक्त सूचना अभियान का नेतृत्व किया है।’
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की अपेक्षा
- SCO के सदस्य देशों से ठोस कार्रवाई की मांग
- आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति की आवश्यकता
उन्होंने कहा, “भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। कितने ही बच्चे खोए और कितने ही बच्चे अनाथ हो गए। अभी हाल ही में पहलगाम में आतंकवाद का बहुत ही घिनौना रूप देखा है। मैं इस दुख की घड़ी में हमारे साथ खड़े होने वाले मित्र देश के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।”
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